Himachal Pradesh

शिमला में चार आदतन तस्करों को तीन महीने के लिए भेज़ा जेल

शिमला, 07 मार्च । शिमला जिले में नशा तस्करी के खिलाफ पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आदतन नशा तस्करों को पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत निरुद्ध कर जेल भेज दिया है। जिला पुलिस शिमला के अनुसार यह कार्रवाई हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा जारी डिटेंशन आदेशों के तहत की गई।

पुलिस थाना कुमारसैन, छोटा शिमला और चिडग़ांव की टीमों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को हिरासत में लिया और उन्हें तीन महीने के लिए जिला सुधार गृह कंडा और कैथू, शिमला भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार कुमारसैन थाना क्षेत्र के गांव कुफरी निवासी 55 वर्षीय अनिल कुमार उर्फ नीलू को 6 मार्च को पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत निरुद्ध किया गया। अनिल कुमार पहले भी कई मामलों में पकड़ा जा चुका है। वर्ष 2015 में आनी थाना क्षेत्र में उससे करीब 7 किलो 800 ग्राम चूरा पोस्त बरामद हुआ था, जबकि 2019 में कुमारसैन में 48 ग्राम अफीम और 67 ग्राम चरस तथा 2023 में लगभग 194 ग्राम चरस बरामद की गई थी।

इसी तरह छोटा शिमला थाना पुलिस ने विकास नगर शिमला निवासी 29 वर्षीय मोहित वर्मा को निरुद्ध किया। वह पहले भी नशा तस्करी के मामलों में पकड़ा जा चुका है। वर्ष 2021 में उसके पास से लगभग 2.15 ग्राम हेरोइन या चिट्टा और 12 ग्राम चरस बरामद हुई थी, जबकि 2024 में करीब 16.34 ग्राम हेरोइन या चिट्टा बरामद किया गया था।

तीसरे आरोपी अंकुश कुमार को भी छोटा शिमला थाना पुलिस ने शनिवार को पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत हिरासत में लिया। ठियोग क्षेत्र के शालीन (चमरोट) का रहने वाला अंकुश वर्तमान में कसुम्पटी के पास रह रहा था। उसके खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज हैं। वर्ष 2023 में छोटा शिमला में लगभग 21.40 ग्राम हेरोइन या चिट्टा बरामद हुआ था, जबकि उसी वर्ष हरियाणा के पंचकुला में भी उसके पास से करीब 6.25 ग्राम हेरोइन या चिट्टा मिला था। इसके अलावा 2024 में छोटा शिमला में 11.43 ग्राम हेरोइन या चिट्टा बरामद किया गया था।

चौथे आरोपी चिरगांव क्षेत्र के सुनधा गांव निवासी 39 वर्षीय राजीव कुमार को भी निरुद्ध किया गया। उसके खिलाफ भी नशा तस्करी के मामले दर्ज हैं। वर्ष 2023 में उसके पास से करीब 3.78 ग्राम हेरोइन या चिट्टा और 2024 में लगभग 9.25 ग्राम हेरोइन या चिट्टा बरामद हुआ था।

पुलिस के अनुसार इन सभी आरोपियों के खिलाफ पहले भी एनडीपीएस एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं और वे बार-बार नशा तस्करी में शामिल पाए गए थे। ऐसे में जनहित और युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उनके खिलाफ पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत निरोधात्मक कार्रवाई की गई है।

एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने बताया कि पिछले करीब 40 दिनों के दौरान ऐसे 28 आदतन और संगठित नशा तस्करों को डिटेंशन आदेश के आधार पर हिरासत में लेकर तीन महीने के लिए जेल भेजा जा चुका है। पुलिस का कहना है कि जिले में नशे के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति के तहत सख्ती से कार्रवाई जारी रहेगी और समाज को नशामुक्त बनाने के लिए इस तरह के कदम आगे भी उठाए जाते रहेंगे।