Rajasthan

राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय में स्थापना दिवस और महिला दिवस पर सम्मान व संस्कृति का संगम

अजमेर, 10 मार्च । राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय में 18वाँ स्थापना दिवस और अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस संयुक्त रूप से मनाया गया, जिसमें ज्ञान, संस्कृति और नारी शक्ति का प्रेरक संगम देखने को मिला। समारोह के मुख्य अतिथि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र, नई दिल्ली के सदस्य सचिव प्रो. सच्चिदानंद जोशी ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रतिभाशाली विद्यार्थियों और शोधार्थियों के रूप में हीरे गढ़ने का कार्य कर रहा है और इस चमक को बनाए रखना पूरे विश्वविद्यालय समुदाय की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि 18 वर्ष की आयु जिस प्रकार नागरिक अधिकारों और जिम्मेदारियों की शुरुआत का प्रतीक होती है, उसी प्रकार विश्वविद्यालय भी अब परिपक्वता के चरण में प्रवेश कर चुका है और उसे समाज व राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को और गंभीरता से निभाना होगा। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के संदर्भ में उन्होंने कहा कि यह दिन केवल महिलाओं के लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए संकल्प का अवसर है कि हम ऐसा वातावरण बनाएं जहाँ महिलाएँ सुरक्षित और सशक्त महसूस करें।

कार्यक्रम की शुरुआत कुलपति प्रो. आनंद भालेराव द्वारा अतिथियों के स्वागत और दीप प्रज्वलन से हुई। अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. भालेराव ने कहा कि विश्वविद्यालय की यात्रा केवल वर्षों की गणना नहीं, बल्कि सपनों से उपलब्धियों तक पहुँचने की प्रेरक कहानी है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है और क्यूएस रैंकिंग में भी स्थान प्राप्त कर चुका है। साथ ही शोध गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय को प्रतिमाह एक करोड़ रुपये से अधिक का शोध अनुदान प्राप्त हो रहा है और सेंट्रल इंस्ट्रुमेंटेशन लेबोरेटरी सहित कई आधारभूत विकास कार्य जारी हैं।

समारोह में वर्ष 2026 के लिए पद्मश्री नामित भपंग वादक गफरुद्दीन मेवाती जोगी और अलगोजा वादक तगा राम भील को “जीवन साधना गौरव पुरस्कार” से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर वैज्ञानिक, सामाजिक प्रभाव और उद्यमिता श्रेणियों में “विमेन एक्सीलेंस अवॉर्ड” प्रदान किए गए।

इस दौरान विश्वविद्यालय के शिक्षकों को “बेस्ट टीचर” और “बेस्ट रिसर्चर” पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शोध कार्यों पर आधारित फिल्मों का विमोचन तथा विशेष वृत्तचित्र का प्रदर्शन किया गया। पद्मश्री कलाकारों की लोकसंगीत प्रस्तुति समारोह का विशेष आकर्षण रही, जिसने पूरे सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया। समारोह में बड़ी संख्या में शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थी उपस्थित रहे। मंच संचालन डॉ. शीतल प्रसाद महेंद्र और जनसंपर्क अधिकारी अनुराधा मित्तल ने किया।