जनानी ड्योढ़ी से आज निकलेगी गणगौर माता की शाही सवारी
ईसर—गणगौर की पार्वती और शिव के रूप में पूजा की जाएगी। कुंवारी कन्याएं सुयोग्य वर की प्राप्ति के लिए पूजा करेंगी, वहीं विवाहित महिलाएं पति की दीर्घायु की कामना और अखंड सुहाग की कामना के लिए व्रत रखकर गणगौर पूजन करेंगी। पूजन कर गणगौर को भोग स्वरूप गुणा—सकरपारा अर्पित किए जाएंगे। गणगौर का उद्यापन करने वाली महिलाएं 16 सुहागिनों को भोजन कराकर उपहार स्वरूप भेंट देंगी। वहीं उद्यापन नहीं करने वाली महिलाएं अपनी सास को बयाना देकर आशीर्वाद लेंगी।

