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वायदा बाजार में बढ़ी सोना और चांदी की कीमत, अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी आई तेजी

नई दिल्ली, 25 मार्च । पिछले कई दिनों से लगातार गिरावट का सामना कर रहे सोने और चांदी के भाव में आज अंतरराष्ट्रीय बाजार से लेकर वायदा बाजार तक तेजी का रुख बना हुआ नजर आ रहा है। घरेलू सर्राफा बाजार में भी सोना और चांदी दोनों चमकीली धातुओं ने आज जबरदस्त तेजी दिखाई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) में सोना आज तीन प्रतिशत से अधिक और चांदी पांच प्रतिशत से अधिक उछल गया है।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर अप्रैल की डिलीवरी वाला सोना 3.63 प्रतिशत उछल कर 1,43,960 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंचा हुआ है। इसी तरह मई में डिलीवरी वाली चांदी 5.52 प्रतिशत की छलांग लगा कर 2,36,300 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर रही है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें तो, सोना और चांदी के भाव में यहां भी तेजी का रुख बना हुआ है। सिंगापुर गोल्ड एक्सचेंज में आज हाजिर सोना 3.76 प्रतिशत की उछाल के साथ 4567.30 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह लंदन सिल्वर मार्केट में हाजिरी चांदी की कीमत आज 5.75 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 73.57 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंची हुई है।

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि पश्चिम एशिया में जंग थमने की उम्मीद बनने के कारण निवेशकों का रुझान एक बार फिर सोना और चांदी जैसे सेफ इन्वेस्टमेंट इंस्ट्रूमेंट की ओर बढ़ने लगा है। पश्चिम एशिया में शांति होने की उम्मीद बनने के कारण डॉलर के प्रति भी आकर्षण कम हुआ है। इसका असर भी सोने और चांदी की कीमत पर सकारात्मक रूप से पड़ा है।

कैपेक्स गोल्ड एंड इन्वेस्टमेंट्स के सीईओ राजीव दत्ता का कहना है कि पश्चिम एशिया में जैसे-जैसे लड़ाई थमने की उम्मीद बढ़ेगी, वैसे-वैसे सोना और चांदी दोनों चमकीली धातुओं की कीमत में भी तेजी आएगी। खासकर, चांदी की कीमत में तुलनात्मक तौर पर अधिक तेजी आ सकती है। पश्चिम एशिया में जारी जंग के कारण फिलहाल चांदी की औद्योगिक मांग काफी घट गई है, लेकिन जैसे ही पश्चिम एशिया में शांति स्थापित होगी या उस दिशा में सकारात्मक पहल होगी, वैसे ही चांदी की औद्योगिक मांग में भी बढ़ोतरी होगी। ऐसा होने पर चांदी की कीमत एक बार फिर रफ्तार पकड़ सकती है।

हालांकि राजीव दत्ता का यह भी कहना है की अभी सोना और चांदी की कीमत को लेकर कोई निश्चित राय नहीं बनाई जा सकती है, क्योंकि बाजार की स्थिति पूरी तरह से पश्चिम एशिया में जंग के हालात पर निर्भर रहने वाली है। अभी तक सिर्फ इस जंग के थमने की उम्मीद जताई जा रही है, लेकिन जब तक इस दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं होती, तब तक बाजार के भविष्य का आकलन कर पाना काफी कठिन है।