हिसार के एचएयू को क्यूएस विश्वविश्वविद्यालय रैंकिंग-2026 में 301-350 रैंकिंग
और संकाय-छात्र अनुपात के आधार पर किया जाता है।
कुलपति प्रो. बीआर कम्बोज ने शनिवार काे बताया कि यह छात्रों
को उच्च शिक्षा के लिए सर्वश्रेष्ठ संस्थान चुनने में मदद करती है। यह रैंकिंग कृषि
विज्ञान के क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और नवाचार को दर्शाती है। यह उपलब्धि
विश्वविद्यालय के निरंतर उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन, उच्च गुणवत्ता वाले शोध कार्य
तथा कृषि क्षेत्र में उसके उल्लेखनीय योगदान का प्रमाण है। कुलपति ने इस उपलब्धि पर
प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे विश्वविद्यालय के समर्पित शिक्षकों, वैज्ञानिकों, कर्मचारियों,
विद्यार्थियों और किसानों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि यह
सफलता विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता, शोध नवाचार और विस्तार सेवाओं के प्रति
उसकी निरंतर प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने हरियाणा सरकार, राज्यपाल, मुख्यमंत्री
तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद जैसे संस्थानों के मार्गदर्शन और सहयोग के लिए आभार
व्यक्त किया, जिनके समर्थन से विश्वविद्यालय निरंतर नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
क्यूएस वल्र्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग विश्वभर के
उच्च शिक्षण संस्थानों का एक विश्वसनीय और व्यापक मूल्यांकन है। इसमें विश्वविद्यालयों
का आकलन शैक्षणिक प्रतिष्ठा, नियोक्ता प्रतिष्ठा, शिक्षक-छात्र अनुपात, शोध गुणवत्ता,
अंतरराष्ट्रीय सहयोग और वैश्विक प्रभाव जैसे मानकों के आधार पर किया जाता है। हकृवि
का इस सूची में शामिल होना यह दर्शाता है कि विश्वविद्यालय न केवल राष्ट्रीय स्तर पर
बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी अपनी सशक्त पहचान बना रहा है।
कृषि एवं वानिकी विषय क्षेत्र में हकृवि ने देशभर
में दूसरा स्थान प्राप्त कर अपनी अग्रणी भूमिका को और सुदृढ़ किया है। यह उपलब्धि कृषि
अनुसंधान, नवाचार और किसान-केन्द्रित गतिविधियों में विश्वविद्यालय की उत्कृष्टता को
दर्शाती है। एचएयू लंबे समय से उन्नत कृषि तकनीकों के विकास, फसल उत्पादकता में वृद्धि,
जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के
लिए कार्य कर रहा है। विश्वविद्यालय द्वारा विकसित कई नई किस्में और तकनीकें किसानों
के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुई हैं।
एचएयू की हालिया उपलब्धियां इसकी उत्कृष्टता
को और भी सशक्त बनाती हैं। विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय कृषि शिक्षा प्रत्यायन बोर्ड
(नैब) द्वारा ए+ ग्रेड प्रदान किया गया है, जो कृषि शिक्षा के क्षेत्र में उसकी उच्च
गुणवत्ता को प्रमाणित करता है। इसके अतिरिक्त, जल संरक्षण और प्रबंधन के क्षेत्र में
उत्कृष्ट कार्यों के लिए विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है।
राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग ढांचा (एनआईआरएफ) में भी विश्वविद्यालय ने अपनी मजबूत उपस्थिति
दर्ज कराई है और देश के प्रमुख कृषि विश्वविद्यालयों में अपना स्थान बनाए रखा है।
शोध के क्षेत्र में हकृवि ने उल्लेखनीय प्रगति
की है। विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने फसल सुधार, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, जल संसाधन
संरक्षण और जलवायु-स्मार्ट कृषि जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया
है। विश्वविद्यालय द्वारा संचालित विभिन्न अनुसंधान परियोजनाएं न केवल वैज्ञानिक दृष्टि
से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि उनका सीधा लाभ किसानों और ग्रामीण समुदायों तक पहुंच रहा
है। इसके साथ ही, विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ सहयोग
कर अपने शोध कार्यों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई है।
कुलपति ने कहा कि भविष्य की योजनाओं के तहत हकृवि शिक्षा, शोध
और नवाचार के क्षेत्र में और अधिक उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। विश्वविद्यालय
का लक्ष्य कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों का विकास करना, सतत विकास को बढ़ावा देना और
देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाना है। क्यूएस वल्र्ड
यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में हकृवि की यह उपलब्धि उसके समर्पण, उत्कृष्टता और कृषि
क्षेत्र में अग्रणी भूमिका का सशक्त प्रमाण है। यह न केवल विश्वविद्यालय बल्कि पूरे
हरियाणा और देश के लिए गर्व का विषय है।

