डेढ़ लाख से अधिक पत्र-पत्रिकाओं के रिकॉर्ड डिजिटाइज किए गएः केन्द्र
नई दिल्ली, 11 मार्च । केन्द्र सरकार ने प्रेस पंजीकरण से जुड़ी सभी सेवाओं को प्रेस सेवा पोर्टल के माध्यम से पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। प्रेस एंड रजिस्ट्रेशन ऑफ पीरियोडिकल्स अधिनियम, 2023 के तहत अब पत्र-पत्रिकाओं के पंजीकरण से संबंधित सभी आवेदन डिजिटल रूप से प्रोसेस किए जा रहे हैं।
सूचना एवं प्रसारण एवं संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने बुधवार को लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने बताया कि प्रेस एंड रजिस्ट्रेशन ऑफ बुक्स अधिनियम, 1867 के तहत बनाए गए 1.5 लाख से अधिक समाचार पत्रों के पंजीकरण रिकॉर्ड को भी डिजिटाइज कर प्रेस सेवा पोर्टल में शामिल कर दिया गया है।
इस पोर्टल के माध्यम से फिलहाल नई पत्र-पत्रिकाओं का पंजीकरण,
मौजूदा पंजीकरण में संशोधन
स्वामित्व हस्तांतरण,
वार्षिक विवरण दाखिल करना,
ऑनलाइन जुर्माना भुगतान,
पत्र-पत्रिकाओं का प्रसार सत्यापन शामिल है।
अधिनियम के क्रियान्वयन के तहत देश के 780 जिलों के निर्धारित प्राधिकरणों को भी प्रेस सेवा पोर्टल से जोड़ा गया है। 1 मार्च 2024 से अब तक 11,081 आवेदन प्रोसेस किए जा चुके हैं और संबंधित श्रेणियों में प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं।
सरकार के अनुसार प्रेस सेवा पोर्टल के माध्यम से 5 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया और वसूला गया है, जबकि नियमों का पालन न करने के कारण 88,315 पत्र-पत्रिकाओं का पंजीकरण रद्द किया गया है।

