भू-अभिलेख निरीक्षक 15 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार
जयपुर, 30 मार्च । भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की स्पेशल यूनिट ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वल्लभनगर तहसील कार्यालय में पदस्थ भू-अभिलेख निरीक्षक देवेन्द्र सिंह राणावत को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
एसीबी महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि आरोपित परिवादी की कृषि भूमि के रिकॉर्ड में सुधार (शुद्धिकरण) कराने के एवज में रिश्वत की मांग कर रहा था।
परिवादी की राजस्व ग्राम राणाकुई (पटवार हल्का गोटिपा, तहसील वल्लभनगर) में करीब पांच बीघा कृषि भूमि है, जिसकी श्रेणी त्रुटिवश ‘बारानी तृतीय’ के स्थान पर ‘भवन’ दर्ज हो गई थी। इस त्रुटि को सुधारने के लिए परिवादी ने तहसीलदार के समक्ष आवेदन किया था। जांच के बाद संबंधित पटवारी को मामला भेजा गया, लेकिन भू-अभिलेख निरीक्षक राणावत ने शुद्धिकरण कराने के एवज में 15 हजार रुपये की मांग की।
एसीबी को 13 फरवरी 2026 को शिकायत मिलने पर उप महानिरीक्षक डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में शिकायत का सत्यापन कराया गया। सत्यापन के दौरान आरोपी द्वारा रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजीव जोशी के नेतृत्व में टीम गठित की गई। टीम ने सोमवार को ट्रैप कार्रवाई करते हुए आरोपित को परिवादी से 15 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। कार्रवाई में पुलिस निरीक्षक लक्ष्मणलाल डांगी सहित टीम के अन्य सदस्यों की अहम भूमिका रही।
जांच में सामने आया है कि आरोपित ने शुद्धिकरण आदेश तहसीलदार वल्लभनगर से करवाने की बात कहते हुए रिश्वत मांगी थी। ऐसे में मामले में तहसीलदार की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है।
एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव के सुपरविजन में आरोपित से पूछताछ की जा रही है। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच जारी है।

