रायसेन: जिला अस्पताल के शौचालय में हत्या के आरोपी का शव मिला, पत्नी को जिंदा जलाने का था केस
रायसेन, 03 मार्च । मध्य प्रदेश के रायसेन जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में मंगलवार सुबह एक सनसनीखेज घटना सामने आई। यहां पत्नी की हत्या के आरोपी का शव अस्पताल के शौचालय में फंदे से लटका मिला। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सिविल सर्जन डॉ. यशपाल बाल्यान के अनुसार, सुबह करीब 9 बजे 60 वर्षीय जमुना प्रसाद गौर ने स्टाफ से शौचालय जाने की अनुमति मांगी। स्टाफ उसे बाथरूम तक लेकर गया, जहां उसने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। कुछ देर बाद अंदर से असामान्य आवाजें आने पर स्टाफ ने दरवाजा तोड़ा। अंदर वह खिड़की से बनाए गए फंदे पर लटका मिला। डॉक्टरों ने बाहर निकालकर जांच की, लेकिन तब तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि उसने अपनी हाफ पैंट (बरमूडा) के नाड़े से फंदा बनाकर आत्महत्या की। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है।
एक दिन पहले ही हुआ था भर्ती
डॉ. बाल्यान ने बताया कि जमुना प्रसाद सोमवार दोपहर अकेले ही जिला अस्पताल पहुंचा था। उसका एक पैर टूटा हुआ था और स्थिति गंभीर थी, इसलिए उसे भर्ती कर लिया गया था। पुलिस के अनुसार, 25 फरवरी को उसने विदिशा में ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या का प्रयास किया था। आरपीएफ ने उसे घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां से वह बाद में निकल गया था।
पत्नी को जलाने का था आरोप
पुलिस के मुताबिक, 20 फरवरी को जमुना प्रसाद ने अपनी पत्नी महफूल पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी। घरेलू विवाद के दौरान यह घटना हुई थी। आरोप है कि उसने पत्नी को आग के हवाले करने के बाद घर से बाहर निकलकर दरवाजा बंद कर दिया और फरार हो गया। पड़ोसियों ने शोर सुनकर महिला को बाहर निकाला और जिला अस्पताल पहुंचाया। लगभग 75 प्रतिशत तक झुलस चुकी महिला को बाद में भोपाल रेफर किया गया, जहां 25 फरवरी को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। जांच में यह भी सामने आया था कि आरोपी को संदेह था कि उसकी पत्नी दूध में पानी मिलाती है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच पहले भी विवाद होते रहे थे।
समान ने किया था बहिष्कार
इस घटनाक्रम से नाराज गौर समाज ने आरोपी जमुना प्रसाद के परिवार को समाज से बाहर कर दिया था। इसी कारण की पुलिस की सूचना पर ना ही समाज जन और ना ही परिजन पहुंचे।

