रोडवेज 3 हजार किमी से कम वाहन चलाने वाले चालकों के वेतन का मुद्दा करे तय- हाईकोर्ट
जयपुर, 07 मार्च । राजस्थान उच्च न्यायालय ने रोडवेज प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि वह 3 हजार किलोमीटर से कम वाहन चलाने वाले चालकों के वेतन संबंधित अभ्यावेदन को तय कर उनका वेतन जारी करें। जस्टिस आनंद शर्मा ने यह निर्देश मोहन स्वरूप व अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।
याचिका में अधिवक्ता सुनील कुमार सिंगोदिया ने बताया कि प्रकरण में आरएसआरटीसी के गत 9 अक्टूबर के उस परिपत्र को चुनौती दी गई है, जिसमें रोडवेज ने 3 हजार किमी से कम वाहन चलाने वाले चालकों को वेतन नहीं देने के लिए कहा था।
इस परिपत्र के आधार पर रोडवेज ने विभिन्न डिपो में कार्यरत ऐसे चालकों का नवंबर 2025 का वेतन रोक दिया, जिनसे मेडिकल अनफिट होने के कारण हल्का कार्य करवाया जा रहा था। इसे हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए कहा कि ऐसे चालक बिना वेतन के कार्य कर रहे हैं और इससे उन्हें आर्थिक परेशानी हो रही है। नियमानुसार मेडिकल अनफिट चालकों के मामले में मेडिकल बोर्ड गठित कर उनकी राय पर ही उनसे वाहन चलवाने की बजाय हल्का लिपिकीय कार्य या वर्कशॉप का काम लेने के संबंध में जारी जारी किए गए थे। इनमें बहुत चालक जल्दी ही सेवानिवृत्त होने वाले हैं। इन चालकों से यदि वाहन चलवाए जाते हैं तो यह जनहित में नहीं होगा और एक्सीडेंट की भी संभावना रहेगी। याचिका में कहा गया कि सिविल ड्यूटी देने वाले कर्मचारी का वेतन रोकना उसके मूलभूत अधिकारों की अवहेलना करना है।

