Haryana

सोनीपत: बाबा गुरबचन सिंह मेमोरियल क्रिकेट टूर्नामेंट में श्रीगंगानगर टीम विजेता

के साथ-साथ अनुशासन, सहयोग और आपसी भाईचारे का परिचय दिया।

यह क्रिकेट

प्रतियोगिता के दौरान युवा खिलाड़ियों ने पूरे उत्साह और समर्पण के साथ खेल भावना का

उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। खेल के माध्यम से सहयोग, सहनशीलता, मर्यादा और परस्पर सम्मान

जैसे जीवन मूल्यों को व्यवहार में उतारते हुए प्रतिभागियों ने निरंकारी मिशन की शिक्षाओं

को भी साकार रूप दिया। मंगलवार काे खेले गए फाइनल मुकाबले में फिरोजपुर (पंजाब) और श्रीगंगानगर (राजस्थान) की टीमों

के बीच रोमांचक प्रतिस्पर्धा हुई। मुकाबले में श्रीगंगानगर की टीम ने शानदार खेल दिखाते

हुए ट्रॉफी अपने नाम की। प्रतियोगिता में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी सोनू

राजपूत को मैन ऑफ द मैच के सम्मान से नवाजा गया।

पूरे

आयोजन का संचालन संत निरंकारी मंडल के सचिव जोगिंदर सुखीजा के नेतृत्व में किया गया।

उन्होंने कहा कि यह प्रतियोगिता केवल खेल तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं की ऊर्जा

को सकारात्मक दिशा देने का माध्यम भी है। यहां प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ प्रेम, सम्मान

और सौहार्द की भावना भी विकसित होती है। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाड़ियों

को उनके प्रदर्शन के आधार पर प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।

प्रतियोगिता

के दौरान प्रतिदिन सायंकाल युवाओं के लिए सत्संग कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों

का उद्देश्य युवाओं को शारीरिक रूप से सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ आध्यात्मिक जागरूकता,

सकारात्मक सोच और मानसिक शांति की दिशा में प्रेरित करना रहा। समापन समारोह में संत

निरंकारी मंडल के सदस्य प्रभारी, प्रचार विभाग राकेश मुटरेजा ने विजेता टीम को ट्रॉफी

प्रदान की। उन्होंने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल केवल जीत-हार के लिए

नहीं, बल्कि सीख और अनुभव प्राप्त करने का माध्यम होते हैं। जीवन में हर परिस्थिति

से सीखना ही आगे बढ़ने का सलीका है। उन्होंने

बताया कि यह प्रतियोगिता बाबा गुरबचन सिंह को समर्पित है, जिसकी शुरुआत लुधियाना से

हुई थी और अब यह आयोजन हर वर्ष नियमित रूप से किया जाता है। उन्होंने श्री गंगानगर,

फिरोजपुर, जयपुर और भीलवाड़ा की टीमों को शुभकामनाएं दीं तथा कार्यक्रम में उपस्थित

संतों का आभार व्यक्त किया। इस खेल प्रतियोगिता के माध्यम से समाज में प्रेम, सौहार्द

और सकारात्मकता का संदेश देने का प्रयास किया गया, जिसे खिलाड़ियों और उपस्थित श्रद्धालुओं

ने सार्थक रूप से आगे बढ़ाया।