Rajasthan

राज्य उपभोक्ता और जिला उपभोक्ता आयोग से सेवानिवृत को फिर से कार्य पर लेवें- हाईकाेर्ट

जोधपुर, 18 मार्च । राजस्थान उच्च न्यायालय की खंडपीठ के वरिष्ठ न्यायाधीश विनीत कुमार माथुर और न्यायाधीश चंद्र शेखर शर्मा ने राज्य सरकार और खाद्य, आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलात के प्रमुख सचिव को आदेश दिया है कि राज्य के राज्य उपभोक्ता आयोग और जिला उपभोक्ता आयोग में सेवानिवृत्त होने वाले अध्यक्ष और सदस्यों को उनकी सेवा अवधि समाप्त होने पर भी उन्हें रिलीव नहीं करे और सेवानिवृत हो चुके अध्यक्ष और सदस्यों को पुन: कार्य पर लेवें। उन्होंने कहा कि इन्हें तब तक कार्य से नहीं हटाया जाएं, जब तक नई भर्तियां नहीं हो जाएं। राजस्थान हाइकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन की ओर से दायर जनहित याचिका में प्रार्थना पत्र पेश कर अधिवक्ता अनिल भंडारी ने कहा कि उपभोक्ता आयोग में अध्यक्ष और सदस्यों की भर्ती के नए नियम और विनियम भारत सरकार के यहां प्रस्तावित है और जब तक ये प्रभाव में नहीं आते है,तब तक राज्य में नई भर्तियों पर कोई भी कार्रवाई नहीं हो पाएगी। अधिवक्ता भंडारी ने कहा कि जिला आयोग में दो अध्यक्ष और 14 सदस्यों के पद पिछले साल रिक्त हुए है तथा इस वर्ष फरवरी में राज्य उपभोक्ता आयोग के दो सदस्यों का कार्यकाल पूर्ण हो चुका है और जिला उपभोक्ता आयोग के 9 अध्यक्ष और सदस्यों का कार्यकाल मार्च में समाप्त होने वाला है।

उन्होंने कहा कि यदि इसी तरह चलता रहा तो राज्य के काफी जिला उपभोक्ता आयोग कोरम के अभाव में ठप हो जाएंगे और राज्य उपभोक्ता आयोग की विभिन्न पीठों में न्यायिक कार्यवाही बाधित होगी,जिससे उपभोक्ता अधिनियम का त्वरित न्याय का उद्देश्य समाप्त हो जाएगा। उन्होंने न्यायालय से अनुरोध किया कि नई भर्तियों तक सेवा अवधि समाप्त होने वाले अध्यक्ष और सदस्यों को रिलीव नहीं कर यथावत कार्यरत करने दिया जाए और जिनको कार्यालय समाप्त होने पर हटा दिया गया है,उन्हें पुरानी तिथि से ही वापिस लिया जाएं। राज्य सरकार और उपभोक्ता मामलात विभाग की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेश पंवार ने कहा कि एसोसिएशन के जनवरी में पेश प्रार्थना पत्र पर राज्य सरकार गंभीरता से अपने स्तर पर कार्यरत है। राजस्थान सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता बी एल भाटी ने भी तथा हाइकोर्ट की ओर से अधिवक्ता चयन बोथरा ने पैरवी की।

राजस्थान हाइकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश विनीत कुमार माथुर और न्यायाधीश चंद्र शेखर शर्मा ने एसोसिएशन के प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए कहा कि राज्य सरकार और उपभोक्ता मामलात विभाग की ओर से प्रार्थी की बहस का कोई समुचित जवाब नहीं है सो उन्होंने राज्य सरकार और उपभोक्ता मामलात प्रमुख सचिव को निर्देश दिए कि उपभोक्ता अधिनियम में भर्तियों के नए नियम बनाए जाने और उस आधार पर नियुक्तियां हो जाने तक राज्य उपभोक्ता आयोग और जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो चुका है या होने वाला है,उन्हें यथावत कार्य करने दिया जाए और जो अध्यक्ष या सदस्य रिलीव हो चुके है,उनके पुनर्नियुक्ति आदेश जारी जारी किए जाएं और नई भर्तियों तक भविष्य में अगले आदेश तक किसी को भी रिलीव नहीं किया जाएं।