राजस्थान में निकाय चुनावों में देरी पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इनकार
नई दिल्ली, 12 मार्च । उच्चतम न्यायालय ने राजस्थान में स्थानीय निकाय चुनावों में देरी को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिकाकर्ता से कहा कि वो उच्च न्यायालय या किसी दूसरे उचित फोरम पर अपनी बात रखें।
यह याचिका बिहारीलाल रणवा और दूसरे याचिकाकर्ताओं ने दायर की थी। याचिका में कहा गया था कि राजस्थान सरकार चुनाव प्रक्रिया में देरी करना चाहती है। राजस्थान सरकार ने पहले उच्चतम न्यायालय में आश्वासन दिया था कि चुनाव प्रक्रिया 15 अप्रैल तक पूरी कर ली जाएगी। लेकिन अब राजस्थान सरकार इस चुनाव में देरी करना चाहती है। सुनवाई के दौरान उच्चतम न्यायालय ने कहा कि अगर राजस्थान उच्च न्यायालय की ओर से तय की गई चुनाव तारीखों के मुताबिक कोई शिकायत है तो वो कानून के मुताबिक उच्च न्यायालय या दूसरे फोरम पर जा सकते हैं।
उच्चतम न्यायालय ने 19 दिसंबर, 2025 को राज्य में निकाय चुनावों पर राजस्थान उच्च न्यायालय की ओर से तय की गयी चुनाव तारीखों और प्रक्रियाओं को बरकरार रखते हुए कोई भी दखल देने से इनकार कर दिया।
दरअसल, राजस्थान उच्च न्यायालय ने 14 नवंबर, 2025 को अपने उस आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था, जिसमें कहा गया था कि पंचायत और नगरपालिका चुनाव 15 अप्रैल, 2026 तक संपन्न कर लिए जाएं। 19 दिसंबर, 2025 को सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि उच्च न्यायालय का आदेश संतुलित और वैधानिक ढांचे के अनुरूप है। राज्य सरकार ने कहा था कि याचिका सिर्फ तथ्यों के पुनर्मूल्यांकन की मांग करती है। राज्य सरकार ने कहा था कि उच्चतम न्यायालय का किसी भी तरह का दखल परिसीमन प्रक्रिया और चुनाव कार्यक्रम को प्रभावित करेगा और पूरे राज्य में प्रशासनिक अराजकता पैदा कर सकता है।

