Uttarakhand

शराब के विरोध में मुखर महिलाएं

गुप्तकाशी, 19 मार्च । केदार घाटी में अवैध शराब और शराबियों के विरोध में कई गांव की महिलाएं मुखर हो गई है। महिलाओं ने न केवल शादी, सगाई और अन्य धार्मिक कार्यों में शराब पर पाबंदी लगाई है , बल्कि शराब पीकर हुड़दंग मचाने वाले लोगों के विरुद्ध भी कार्य कर रही है ।

महिलाओं का कहना है कि जो व्यक्ति धार्मिक कार्यों में अपने घर में शराब परोसते हुए देखा जायेगा, उसके विरुद्ध 21 हजार का जुर्माना वसूला जाएगा । इसके साथ ही गांव की आम बैठक में व्यक्ति का बहिष्कार किया जाएगा ।

नगर पंचायत गुप्तकाशी के भैंसारी वार्ड में महिलाओं ने गुप्तकाशी से सेमी मोड तक रैली निकालकर अवैध शराब कारोबारी तथा शराबियों के विरुद्ध नारेबाजी की। साथ ही सरकार को भी चेताया, कि यदि शीघ्र शराब पर की बिक्री पर पाबंदी नहीं लगाई गई तो क्षेत्र की महिलाएं उग्र आंदोलन को बाध्य हो जाएगी। सामाजिक कार्यकर्ता अनीता देवी ने कहा कि गांव में युवक शाम से ही शराब पीने में मग्न हो जाते हैं।

बेरोजगारी के इस आलम में जब वह व्यक्ति घर आता है, तो अपने बच्चों और महिलाओं से अभद्र व्यवहार करता है। जिससे कई बार महिलाएं क्रोधित होकर मायूस हो जाती है । उन्होंने कहा कि कई महिलाएं दूध बेचकर लोगों के खेतों में काम कर अपने बच्चों का भरण पोषण कर रही है, लेकिन बेरोजगार पति दिनभर शराब के नशे में रहता है, इससे ना केवल सामाजिक रूप से क्षेत्र बदनाम हो रहा है, बल्कि व्यक्ति आर्थिक और शारीरिक रूप से भी कमजोर होता जा रहा है । महिलाओं ने चेताया कि यदि शीघ्र क्षेत्र में शराब पर पाबंदी नहीं लगाई गई तो अगला आंदोलन सरकार के विरोध में खोला जाएगा।