जड़ी-बूटी खेती पर कार्यशाला का समापन, समन्वयकों ने किया शैक्षणिक भ्रमण
पौड़ी गढ़वाल, 14 मार्च । गढ़वाल विवि के हैप्रेक संस्थान और उद्योगिनी संस्था के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला शनिवार को शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम के साथ संपन्न हो गई। जड़ी-बूटी के माध्यम से किसानों की आजीविका बढ़ाने के उद्देश्य से हैप्रेक संस्थान के निदेशक डॉ. विजयकांत पुरोहित के दिशा-निर्देशन में जड़ी-बूटी की खेती से जुड़े ब्लॉक समन्वयकों ने कीर्तिनगर ब्लॉक के धारकोट गांव का भ्रमण किया।
इस दौरान समन्वयकों ने जड़ी-बूटी की खेती कर रहे किसानों से मुलाकात कर उनके अनुभवों को जाना। भ्रमण के दौरान उद्योगिनी संस्था से पहुंचे ब्लॉक समन्वयकों ने विशेषज्ञों से जड़ी-बूटी के कृषिकरण की विभिन्न विधियों की जानकारी भी ली।
कार्यक्रम के दौरान जड़ी-बूटियों की खेती में आने वाली चुनौतियों, उत्पादन बढ़ाने के तरीकों और बेहतर प्रबंधन पर भी चर्चा की गई। इस मौके पर बलूनी कंपनी के नीरज बलूनी ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में औषधीय पौधों की खेती किसानों के लिए आय का बेहतर विकल्प बन सकती है।
उन्होंने बताया कि संगठित तरीके से जड़ी-बूटी की खेती और उचित विपणन व्यवस्था होने से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है। कार्यक्रम में जड़ी-बूटियों की वैज्ञानिक खेती, संरक्षण और प्रसंस्करण के तरीकों की भी जानकारी दी गई।
हैप्रेक संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. सुदीप सेमवाल ने कहा कि भविष्य में भी इस तरह के भ्रमण और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक किसान जड़ी-बूटी की खेती से जुड़कर अपनी आजीविका को मजबूत बना सकें।
इस अवसर पर उद्योगिनी संस्था के प्रबंधक शिवम पंत, मनीष पंवार, हैप्रेक संस्थान के डॉ. राजीव वशिष्ठ, डॉ. प्रदीप डोभाल, डॉ. जयदेव चौहान, देवेश जंगपांगी और शुभम भट्ट सहित कई लोग मौजूद रहे।

