Uttarakhand

उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद की 45वीं बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय,

हल्द्वानी , 13 मार्च । उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी की कार्यपरिषद की 45वीं बैठक में विश्वविद्यालय के प्रशासनिक, शैक्षणिक और विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई।

बैठक में शिक्षकों की पदोन्नति, विभिन्न तकनीकी एवं प्रशासनिक पदों के लिए सेवा नियमावली तैयार करने, अस्थायी रूप से कार्य कर रहे कार्मिकों के वेतन पुनरक्षण तथा राज्य में कौशल विकास केंद्रों की स्थापना सहित कई अहम बिन्दुओं पर संस्तुति प्रदान की गई ।

बैठक में सर्वप्रथम कार्य परिषद की 44 वीं बैठक के कार्यवृत्त की पुष्टि की गई, विश्वविद्यालय की विद्या परिषद की 34 वीं बैठक की संस्तुतियों पर अनुमोदन दिया गया । विश्वविद्यालय की वित्त समिति की 21 वीं बैठक की संस्तुतियों पर अनुमोदन अदि मुद्दों पर अनुमोदन दिया गया।

बैठक में निर्णय लिया गया कि विश्वविद्यालय में सहायक क्षेत्रीय निदेशक, शोध अधिकारी, आईटी निदेशक, कंप्यूटर हार्डवेयर इंजीनियर, सॉफ्टवेयर इंजीनियर तथा नेटवर्क एडमिनिस्ट्रेटर जैसे पदों के लिए सेवा नियमावली तैयार की जाएगी। इसके लिए कार्यपरिषद द्वारा एक समिति गठित की गई है, जो इन पदों के लिए सेवाशर्तों का प्रारूप तैयार करके कार्यपरिषद को अपने सुझाव देगी।

इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय में अस्थायी रूप से कार्यरत कार्मिकों एवं शिक्षकों के वेतन पुनरक्षण के लिए भी एक अलग समिति गठित की गई है, जो इस पर कार्यपरिषद को अपने सुझाव देगी। बैठक में 16 स्थायी शिक्षकों को पदोन्नति देने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इनमें से 13 शिक्षकों को शैक्षणिक स्तर 10 से स्तर 11 तथा 3 शिक्षकों को स्तर 11 से स्तर 12 में पदोन्नत किया गया है।

विश्वविद्यालय की सामाजिक जिम्मेदारी के अंतर्गत विश्वविद्यालय के 8 क्षेत्रीय कार्यालयों द्वारा 8 गांव गोद लेने के प्रस्ताव को भी कार्यपरिषद ने स्वीकृति प्रदान की। इनमें क्षेत्रीय कार्यालय कार्यालय उत्तरकाशी के अंतर्गत टिहरी गढ़वाल के मोलनों गावं, हल्द्वानी क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत उधम सिंह नगर जनपद के काशीपुर का कुण्डेश्वरी गांव, देहरादून क्षेत्रीय कार्याल्य के अंतर्गत कालसी का कोरूवा गांव, रानीखेत क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत अल्मोडा के द्वाराहाट ब्लॉक का मल्ली मिराई गांव, रूडकी क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत जनपद हरिद्वार, बहादराबाद का जस्सावाला गांव, पौडी क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत पौडी जनपद का मल्ली गांव, पिथोरागढ क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत, चम्पावत जनपद का अमोडी गांव, कर्णप्रयाग क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत रूद्रप्रयाग जनपद, अगस्तमुनि का मनिगुह गांव शामिल हैं। इन गांवों में विश्वविद्यालय द्वारा शिक्षा, कौशल विकास, डिजिटल साक्षरता तथा जनजागरूकता से जुड़े कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।

बैठक में 15 अगस्त 2025 को मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत राज्य में 13 कौशल विकास केंद्र स्थापित करने के प्रस्ताव पर कार्यपरिषद ने संस्तुति प्रदान करते हुए इसे बेहत्तर प्रस्ताव मानते हुए इसकी सराहना की तथा कहा कि इससे राज्य के दुर्गम क्षेत्रों तक उच्च शिक्षा पहुंचेगी वहीं क्षेत्र के युवाओं में कौशल विकास का बढ़ावा मिलेगा। सदस्यों ने कहा कि इन केंद्रों में भविष्य में शैक्षणिक कार्यक्रमों के साथ-साथ रोजगारोन्मुखी कौशल विकास कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे, जिससे युवाओं को प्रशिक्षण एवं रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।

बैठक को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास और सामाजिक सरोकारों को भी प्राथमिकता दे रहा है। उन्होंने कहा कि गांवों को गोद लेने और कौशल विकास केंद्रों की स्थापना से प्रदेश के युवाओं को नई संभावनाएं मिलेंगी और विश्वविद्यालय की समाज से सहभागिता और अधिक मजबूत होगी।बैठक से संबंधित जानकारी बैठक के सचिव कुलसचिव खेमराज भट्ट ने दी।

बैठक में कार्य परिषद के अध्यक्ष कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी, बाह्य सदस्य के रूप में प्रो. योजना रावत, निदेशक रिसर्च यूनिवसिर्टी ऑफ ओपन लर्निग, पंजाब यूनिवसिर्टी, श्री रमेश चन्द्र बिंजोला, अध्यक्ष, हिमालयन चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री, हल्द्वानी शामिल हुए, आंतरिक सदस्य के रूप में प्रो. रेनू प्रकाश, प्रो. पी.डी. पंत, प्रो. जितेन्द्र पाण्डेय, डॉ. हरीश चन्द्र जोशी, डॉ. नीरजा सिंह, कुलसचिव खेमराज भट्ट, परीक्षा नियंत्रक प्रो. सोमेश कुमार, वित्त नियंत्रक एसपी सिंह ऑफ लाइन शामिल थे। प्रो.दीक्षा कपूर, एसओएसीई इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, नई दिल्ली, डॉ. अजय कुमार गुप्ता, सीईओ सेंचुरी पल्प एण्ड पेपर मिल्स लि. बाह्य सदस्य के रूप में ऑनलाइन शामिल हुए।