वीओ चिदंबरनार बना डिजिटल प्रतिरूप मंच लागू करने वाला देश का पहला बंदरगाह
नई दिल्ली, 12 मार्च । तमिलनाडु का वीओ चिदंबरनार बंदरगाह देश का पहला ऐसा बंदरगाह बन गया है जिसने डिजिटल ट्विन प्लेटफॉर्म लागू किया है। इससे बंदरगाह की अधोसंरचना, परिचालन संपत्तियों और समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र की वास्तविक समय की वर्चुअल प्रतिकृति (सटीक रूपरेखा) तैयार होगी, जिससे परिचालन दक्षता बढ़ेगी, जहाजों के वापसी के समय में कमी आएगी और ऊर्जा उपयोग का अनुकूलन कर कार्बन उत्सर्जन घटाया जा सकेगा।
केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय ने बताया कि यह पहल बंदरगाह प्रबंधन को स्मार्ट, कुशल और तकनीक-आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसका उद्घाटन 23 फरवरी को मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने किया था।
डिजिटल प्रतिरूप मंच बंदरगाह की अधोसंरचना, परिचालन संपत्तियों और समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र की वास्तविक समय की वर्चुअल प्रतिकृति तैयार करेगा। इससे परिचालन की बेहतर निगरानी, पूर्वानुमान विश्लेषण और डेटा-आधारित निर्णय लेने में मदद मिलेगी। प्लेटफॉर्म में आईओटी सेंसर, जीपीएस ट्रैकिंग, लाइडार मैपिंग, ड्रोन इमेजिंग और सीसीटीवी नेटवर्क जैसी उन्नत तकनीकों का एकीकरण किया गया है, जिससे बंदरगाह की वास्तविक स्थिति का लगातार आकलन संभव होगा और सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा।
मंत्रालय ने बताया कि यह प्रणाली वास्तविक समय में परिचालन की निगरानी करेगी, जिसमें बर्थ ऑक्यूपेंसी, जहाजों की आवाजाही, क्रेन उपयोग और यार्ड क्षमता का लाइव विज़ुअलाइजेशन शामिल है। एआई-आधारित एसेट मॉनिटरिंग से उपकरणों की भविष्यवाणी आधारित देखरेख संभव होगी, जिससे डाउनटाइम कम होगा और परिचालन विश्वसनीयता बढ़ेगी। साथ ही, जहाजों और माल संचालन की बुद्धिमान शेड्यूलिंग से भीड़भाड़ और प्रतीक्षा समय कम होगा। इस पहल से जहाजों के वापसी जाने के समय में 25 प्रतिशत तक कमी आएगी, उपकरणों की उपलब्धता और विश्वसनीयता बढ़ेगी, परिचालन सुरक्षा मजबूत होगी और ऊर्जा उपयोग का अनुकूलन कर कार्बन उत्सर्जन घटेगा।
बंदरगाह प्राधिकरण के अध्यक्ष सुशांत कुमार पुरोहित ने कहा कि डिजिटल ट्विन प्लेटफॉर्म का कार्यान्वयन बंदरगाह के आधुनिकीकरण की यात्रा में महत्वपूर्ण कदम है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, आईओटी और वास्तविक समय डेटा विश्लेषण जैसी तकनीकों का उपयोग कर यह पहल परिचालन दक्षता बढ़ाएगी, जहाजों के टर्नअराउंड समय में सुधार करेगी और सुरक्षा एवं स्थिरता को मजबूत करेगी।
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