Delhi

ईरान का इजराइल के सुरक्षा केंद्रों और पुलिस मुख्यालयों को निशाना बनाने का दावा

तेहरान/जेरुसलम, 15 मार्च । ईरान की सेना ने ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ के तहत इजराइल के सुरक्षा केंद्रों और पुलिस मुख्यालयों पर ड्रोन से हमला करने का दावा किया है। हमले में पुलिस की विशेष टुकड़ी ‘लहाव 433’ का मुख्य परिसर और ‘गिलात डिफेंस’ उपग्रह संचार केंद्र निशाने पर रहे।

ईरान की सरकारी समाचार प्रेस टीवी और स्थानीय मीडिया के अनुसार, रविवार तड़के अमेरिका-इजराइल के खिलाफ जवाबी अभियान को तेज करते हुए ईरान ने हाइपरसोनिक मिसाइलों और विस्फोटक ड्रोन से हमलों की नई लहर शुरू करने का दावा किया है। आज जारी आधिकारिक बयान में ईरानी सेना के जनसंपर्क विभाग ने बताया कि ईरान ने ऑपरेशन की 53वीं लहर को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। इस चरण में पूरे क्षेत्र में अमेरिकी और इजरायली सैन्य प्रतिष्ठानों तथा रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया।

ईरानी सेना के मुताबिक इस हमले में हाइपरसोनिक “फत्ताह” और “कद्र” मिसाइलों के साथ विस्फोटक ड्रोन का संयुक्त इस्तेमाल किया गया। इन मिसाइलों और ड्रोन को अल धफरा एयर बेस में तैनात अमेरिकी सैन्य बलों के खिलाफ दागा गया। ईरान का आरोप है कि यह बेस ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में सहयोग और खुफिया जानकारी देने में शामिल था। बयान में कहा गया कि इन हमलों का लक्ष्य केवल सैन्य प्रतिष्ठान थे। इसके अलावा, इजरायल के क्षेत्रीय कमांड और कंट्रोल केंद्रों तथा उन सुविधाओं को भी निशाना बनाया गया जो देश के आंतरिक सुरक्षा तंत्र यानी “होम फ्रंट” के संचालन में भूमिका निभाती हैं।

ईस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने अपने बयान में कहा कि जब तक अमेरिका और इजराइल की आक्रामक नीतियां जारी रहेंगी, तब तक ईरानी सशस्त्र बल उनके सैन्य अड्डों, ठिकानों और रणनीतिक हितों को निशाना बनाते रहेंगे।