Himachal Pradesh

बाबा साहब का योगदान अतुलनीय, कांग्रेस ने नहीं दिया उचित सम्मान : राजीव बिंदल

शिमला, 13 अप्रैल । भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल ने बाबा साहब डॉक्टर बी आर अंबेडकर की जयंती के अवसर पर देश और प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि डॉ. अंबेडकर का भारतीय समाज और राष्ट्र निर्माण में योगदान अतुलनीय है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने देश को ऐसा संविधान दिया, जिसने आधुनिक भारत की मजबूत नींव रखी और समाज को समानता का रास्ता दिखाया।

बिंदल ने सोमवार को कहा कि बाबा साहब ने सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष किया और शिक्षित बनो, संगठित हो और राष्ट्रहित में कार्य करो का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज भी उनके विचार समाज के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं। उनके अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिया गया राष्ट्र प्रथम का संदेश भी बाबा साहब की सोच से प्रेरित दिखाई देता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि स्वतंत्रता के बाद की कांग्रेस सरकारों ने बाबा साहब को उनका उचित सम्मान नहीं दिया। डॉ. बिंदल ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री ने चुनावों के दौरान उनके खिलाफ प्रचार किया और उन्हें संसद से दूर रखने का प्रयास किया। उन्होंने यह भी कहा कि परिस्थितियों के कारण बाबा साहब को मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना पड़ा। उन्होंने कहा कि बाबा साहब को भारत रत्न सम्मान भी काफी देर से मिला।

बिंदल ने यह भी आरोप लगाया कि वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी ने संविधान की मूल भावना को आघात पहुंचाया। उन्होंने कहा कि बाबा साहब समान नागरिक संहिता के समर्थक थे, लेकिन कांग्रेस की नीतियों के कारण इसे लागू नहीं किया जा सका।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने बाबा साहब से जुड़े पांच महत्वपूर्ण स्थलों को विकसित कर पंचतीर्थ के रूप में स्थापित किया है, जिससे उनके जीवन और विचारों को सम्मान मिला है। उन्होंने इसे बाबा साहब के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि बताया।

डॉ. बिंदल ने कहा कि बाबा साहब का जीवन संघर्ष, समानता और सामाजिक न्याय का संदेश देता है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे बाबा साहब के आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज में एकता और समानता को मजबूत करें और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखें। उन्होंने बाबा साहब को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लेने की अपील की।