संघ समाज के समग्र विकास के लिये समर्पित -मुरलीधर
कोटा, 03 अप्रैल । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर गुरुवार को कोटा महानगर में शिक्षा क्षेत्र से जुड़े प्रबुद्धजनों की एक महत्वपूर्ण विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चित्तौड़ प्रांत के प्रांत प्रचारक मुरलीधर जी, कोटा विभाग संघ चालक पन्नालाल शर्मा एवं कोटा महानगर संघचालक गोपाल गर्ग मंचासीन रहे।
मुख्य वक्ता प्रांत प्रचारक मुरलीधर ने कहा कि संघ की 100 वर्षों की यात्रा में व्यक्ति निर्माण का कार्य निरंतर जारी है और भविष्य में भी जारी रहेगा। संघ का मूल उद्देश्य व्यक्ति निर्माण है, जबकि स्वयंसेवक विभिन्न संगठनों के माध्यम से समाज के सभी क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि संघ के स्वयंसेवक ‘व्यवस्था परिवर्तन’ एवं ‘पंच परिवर्तन’ के माध्यम से समाज परिवर्तन के कार्यों को गति देंगे। उनका उद्देश्य केवल “भारत माता की जय” की भावना को सुदृढ़ करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संघ का विचार भारत, हिंदू और सनातन संस्कृति के विचारों का प्रतिनिधित्व करता है।
कार्यक्रम में विभिन्न उच्च शिक्षा संस्थान भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय, कोटा विश्वविद्यालय, कृषि विश्वविद्यालय एवं राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय सहित अन्य राजकीय एवं निजी महाविद्यालयों में सेवारत एवं सेवानिवृत्त आचार्य, प्राध्यापक, शोधार्थी और अधिकारियों ने भाग लिया।
संघ कार्य किसी के विरोध में नहीं
प्रांत प्रचारक मुरलीधर ने कहा कि संघ का कार्य “सर्वेषाम अविरोधेन” अर्थात किसी के विरोध में नहीं, बल्कि समाज के समग्र विकास के लिए है। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक पूरा समाज इस विचार को स्वीकार नहीं कर लेता, तब तक संघ की यात्रा निरंतर जारी रहेगी। समापन सत्र में उन्होंने समाजव्यापी जागरूकता के माध्यम से समाज को सशक्त बनाने पर बल देते हुए ‘पंच परिवर्तन’ को आवश्यक बताया। साथ ही उन्होंने शिक्षण संस्थानों को अराष्ट्रीय एवं असामाजिक गतिविधियों से दूर रखने का आह्वान किया। गोष्ठी के अंत में उपस्थित बुद्धिजीवियों ने अपने अनुभवी विचार साझा किए और जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा तथा गौ संरक्षण जैसे विषयों पर अपने सुझाव दिये।

