हनुमत जन्मोत्सव पर श्री संकट मोचन हनुमान जी महाराज का विशेष बैठकी शृंगार, रामार्चापूजन
वाराणसी,02 अप्रैल । उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी (काशी) हनुमत जन्मोत्सव पर गुरूवार को संकटमोचन प्रभु की आराधना में आकंठ लीन रही। चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा हनुमत जन्मोत्सव पर श्री संकटमोचन मंदिर में वर्ष पर्यंत भक्तों को खड़ी मुद्रा में दर्शन देने वाले श्री संकट मोचन (हनुमान जी)का खास बैठकी शृंगार किया गया। बैठकी श्रृंगार का दर्शन पाने के लिए श्रद्धालु आधी रात के बाद से ही दरबार में कतारबद्ध होने लगे। बताते चले वर्ष में हनुमत जयंती ही एकमात्र ऐसा दिन होता है जब भगवान संकट मोचन बैठी हुई मुद्रा में दर्शन देते हैं। ब्रह्म मुहूर्त में गोस्वामी तुलसीदास द्वारा स्थापित संकटमोचन के विग्रह का पंचामृत स्नान कराया गया। इसके बाद विग्रह को सिंदूर का लेपन किया गया। मंदिर के महंत प्रो.विश्वंभरनाथ मिश्र की उपस्थिति में हनुमान जी का बैठकी शृंगार किया गया।
ब्रह्म मुहूर्त में सूर्योदय के साथ ही संकटमोचन का जन्मोत्सव,भोग आरती के बाद मंदिर का पट आम श्रद्धालुओं के लिए खुल गया। पट खुलते ही मंदिर प्रांगण संकटमोचन हनुमान की जय और जय —जय श्रीराम के गगनभेदी उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। हनुमान जन्मोत्सव पर प्रात: साढ़े पांच से साढ़े छह बजे विशेष पूजन आरती हुई। इसके उपरांत श्रीरामचरितमानस का एकाह पाठ शुरू हुआ। इस दौरान प्रात:कालीन सत्र में शहनाई वादन, ब्राह्मणों द्वारा रुद्राभिषेक, श्री रामचरित मानस का एकाह पाठ, श्री सीताराम संकीर्तन, रामार्चापूजन, श्री रामचरित मानस का सुंदरकांड का पाठ, सायं 5 बजे रामकृष्ण मिशन के कीर्तन मंडलियों का संकीर्तन आयोजन होगा। इस दौरान रात्रिपर्यन्त नगर के विभिन्न रामायण मंडलियों द्वारा रामचरित मानस का अखंड पाठ आयोजित होगा। मंदिर के महंत के अनुसार तीन अप्रैल से पांच अप्रैल तक सार्वभौम रामायण सम्मेलन आयोजित किया जायेगा। जिसमें काशी तथा देश के अनेक ख्यातिप्राप्त मानस वक्ताओं की कथा सायं 5 बजे से रात्रि 10 बजे तक होगी। जिसमें मुख्य रूप से पं. उमाशंकर शर्मा (बरेली), डा. भारत भूषण पांडेय (आरा), पं. चंद्रकांत चतुर्वेदी (भभुआ) भाग लेंगे।

