पश्चिमी सीमा पर ड्रोन हमले के बाद रेड अलर्ट, बीएसएफ सतर्क!
पाकिस्तान ने हाल ही में भारतीय क्षेत्र में बढ़ती तनाव के बीच, विशेष रूप से पहले लगाम हमले के बाद, राजस्थान की पश्चिमी सीमा पर ड्रोन हमले की कार्रवाई शुरू कर दी है। इसको देखते हुए भारतीय सुरक्षा बलों ने सीमा पर रेड अलर्ट जारी कर दिया है। रात 8:30 बजे तक के लिए ब्लैक आउट घोषित कर दिया गया, जिससे सभी की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। पाकिस्तान की ओर से जैसलमेर और पोकरण के सैन्य ठिकानों पर ड्रोन से हमले किए गए हैं, जबकि श्रीगंगानगर और अनूपगढ़ के आसपास फायरिंग की सूचना भी मिली है। इससे जम्मू-कश्मीर से लेकर राजस्थान और गुजरात की सीमा तक सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
राजस्थान के नाल एयर बेस पर रात 8:30 बजे के बाद गतिविधियों में वृद्धि देखी गई है, जिस कारण इसे भी सुरक्षा के लिहाज से एक संभावित लक्ष्य माना जा रहा है। वायु सेना ने आसमान की निगरानी के लिए अपने फाइटर जेट को तैयार कर दिया है। रात के समय खाजूवाला क्षेत्र में ड्रोन गतिविधियों की सूचना मिली है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं की गई है। बीएसएफ ने खाजूवाला और रणजीतपुरा क्षेत्रों में मोर्चा संभाल रखा है, और सीमा क्षेत्रों में रहने वाले लोग पूरी रात जागते रहे।
नाल पुलिस थाने में रात आठ बजे एक सीएलजी की मीटिंग चल रही थी, जब अचानक बिजली गुल हो गई। नाल सरपंच और ग्रामीणों को सुरक्षित घरों में वापस भेज दिया गया। इस स्थिति को देखते हुए नगरपालिका की दो दमकलें एहतियातन नाल थाने पर तैनात की गईं हैं। मुख्यमंत्री ने इस गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर से बीकानेर के सरकारी विभागों में रिक्त पदों की सूची मांगी है। बताया जा रहा है कि अगले चार दिनों के भीतर इन पदों को ट्रांसफर कर भरा जाएगा, जिससे सभी अहम व्यवस्थाएँ सुनिश्चित हो सकें।
भारत-पाक के बीच छिड़े मौजूदा तनाव के चलते सभी सरकारी महकमों के संविदा कर्मचारियों की छुट्टियाँ रद्द कर दी गई हैं। बीकानेर में 600 से अधिक रिक्त पदों की सूची मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी गई है। कलेक्टर नम्रता वृष्णी के अनुसार, इन रिक्त पदों की जानकारी जल्दी ही भरने के लिए प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके साथ ही, बीकानेर तहसील के लिए रात 9 बजे अचानक एक अलर्ट जारी किया गया, जिसके चलते पूरे शहर में लाइट बंद कर दी गई और आसपास के क्षेत्रों पर नजर रखी गई।
इस नए सुरक्षा परिदृश्य ने लोगों में चिंतन उत्पन्न कर दिया, लेकिन जन जागरूकता के कारण स्थिति को जल्दी ही नियंत्रण में लाने में सफलता मिली। अब सभी निगाहें सुरक्षा बलों और प्रशासन पर टिकी हुई हैं, ताकि आने वाले समय में किसी भी प्रकार के संभावित खतरों का सामना करने के लिए तैयार रहें।

