राष्ट्रीय मसाला मेला: 4.10 करोड़ की बिक्री, सहकारिता समितियों को मिला बड़ा अवसर!
जवाहर कला केन्द्र में आयोजित दस दिवसीय राष्ट्रीय सहकारी मसाला मेला-2025 का समापन रविवार को हुआ। इस मेले ने 4.10 करोड़ रुपये से अधिक के मसालों और विभिन्न उत्पादों की बिक्री कर नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। यह राशि पिछले वर्ष की तुलना में लगभग एक करोड़ रुपये अधिक है, जो मेले की सफलता को दर्शाती है। सहकारिता विभाग की प्रमुख शासन सचिव और रजिस्ट्रार सहकारी समितियां, मंजू राजपाल ने समापन समारोह में उत्कृष्ट स्टॉल्स को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न देकर पुरस्कृत किया। उन्होंने बताया कि सहकारिता विभाग और कॉनफेड ने 2003 से इस राष्ट्रीय स्तर के मसाला मेले का आयोजन किया है, जो सहकारी समितियों के लिए व्यवसाय में वृद्धि का एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म है।
मेले में हर साल बड़ी संख्या में लोग आते हैं और यहां से साल भर के लिए मसाले की खरीदारी करते हैं। राजपाल ने कहा कि मेले के आयोजन में निरंतर सुधार हो रहा है, लेकिन अभी भी इसे और बेहतर बनाने की संभावनाएं हैं। उन्होंने मेले के सफल आयोजन के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी और आगामी वर्ष में नए नवाचारों के बारे में भी संकेत दिया। इसके साथ ही, उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की बजट घोषणा के अनुसार, कॉनफेड के माध्यम से श्री अन्न के आउटलेट खोले जाएंगे, ताकि लोगों का इन उत्पादों से जुड़ाव बढ़ सके और किसानों को उचित मूल्य मिल सके।
समापन समारोह के दौरान, विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार वितरण किया गया। सर्वाधिक बिक्री करने वाली संस्थाओं में शीर्ष पर कॉनफेड, दूसरे स्थान पर तिलम संघ और तीसरे स्थान पर आरसीडीएफ (जयपुर डेयरी) रही। इसी प्रकार, जिला उपभोक्ता भंडारों में कोटा, उदयपुर और जोधपुर क्रमशः पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। क्रय विक्रय सहकारी समितियों में मथानिया, भीनमाल और नागौर ने शीर्ष स्थान प्राप्त किए, जबकि ग्राम सेवा सहकारी समितियों में पलसाना ग्राम सेवा सहकारी समिति को पहला स्थान मिला।
राजपाल ने आयोजकों और अधिकारियों से यह भी कहा कि मेला देखने आए लोगों में रुचि को देखते हुए इसे प्रत्येक वर्ष एक से अधिक बार आयोजित करने की योजना बनाई जानी चाहिए। इस अवसर पर, अतिरिक्त रजिस्ट्रार (प्रथम) एवं कॉनफेड की प्रबंध निदेशक शिल्पी पांडे, अपेक्स बैंक के प्रबंध निदेशक संजय पाठक और राज्य सहकारी भूमि विकास बैंक के प्रबंध निदेशक जितेंद्र प्रसाद सहित कई अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
इस मेले ने न केवल सहकारिता के क्षेत्र में व्यवसाय बढ़ाने में मदद की, बल्कि लोगों को स्थानीय उत्पादों के प्रति जागरूक करने का भी महत्वपूर्ण कार्य किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी इस मेले की विशेषता रहा, जिससे आने वाले सालों में इसे और अधिक आकर्षक बनाने की संभावना है। सभी ने इस अवसर का भरपूर आनंद लिया और मेले की सफलता को अपने-अपने तरीके से सेलिब्रेट किया।

