Rajasthan

वन मंत्री का रहस्यमयी दौरा: बिना साइन किए अफसरों पर गिरी गाज!

राज्य के वन और पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा ने गुरुवार को उदयपुर की यात्रा की, जहां उन्होंने सज्जनगढ़ सेंचुरी और बायो पार्क का आकस्मिक निरीक्षण किया। मंत्री शर्मा सीधे कार्यालय पहुंचे और वहां हाजिरी रजिस्टर की जांच करने का कार्य प्रारंभ किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि कुछ कर्मचारियों के हस्ताक्षर रजिस्टर में नहीं थे, जिसके चलते उन्होंने डीएफओ सुनील सिंह और सज्जनगढ़ सेंचुरी के रेंजर मीणा को तलब किया।

मंत्री ने अधिकारियों से इस अनियमितता के बारे में सवाल किया, लेकिन जब उन्हें संतोषजनक उत्तर नहीं मिला, तो उनकी नाराजगी सामने आई। उन्होंने दोनों अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और निर्देश दिया कि सभी कर्मचारियों से नियमित रूप से ड्यूटी के दौरान हस्ताक्षर करवाए जाएं। यह कदम कर्मचारियों की उपस्थिति और ड्यूटी की जिम्मेदारी को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया।

इसके अलावा, मंत्री शर्मा ने सज्जनगढ़ में प्रस्तावित लॉयन सफारी और रेप्टाइल हाउस के निर्माण कार्य का निरीक्षण भी किया। उन्होंने इस परियोजना से संबंधित जानकारी प्राप्त की और उसकी प्रगति का मूल्यांकन किया। मंत्री ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि सभी विकास कार्य समय पर और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ें।

इस यात्रा के दौरान, मंत्री संजय शर्मा उदयपुर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस कार्यक्रम और अरावली भू-दृश्य पुनरुद्धार कार्यशाला का भी हिस्सा बने। ये कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के मुद्दों पर केंद्रित थे, जहां विभिन्न विशेषज्ञों और हितधारकों को एकत्रित किया गया था।

सज्जनगढ़ सेंचुरी और बायो पार्क में किए गए इस निरीक्षण के बाद, मंत्री ने शाम को जयपुर के लिए प्रस्थान किया। उनकी यह यात्रा न केवल पर्यावरण संरक्षण के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि वन्यजीवों के संरक्षण और विकास के लिए आवश्यक कदम उठाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।