निर्जला एकादशी पर तिरंगे के साथ निकली श्री काशी विश्वनाथ की वार्षिक कलश यात्रा
निर्जला एकादशी पर तिरंगे के साथ निकली श्री काशी विश्वनाथ की वार्षिक कलश यात्रा
—ऑपरेशन सिंदूर और सेना के शौर्य को नमन कर चारों नदियों चिनाब, झेलम, रावी और सिंधु नदी के जल से बाबा के पावन ज्योर्तिलिंग का जलाभिषेक
वाराणसी,06 जून (हि.स.)। काशीपुराधिपति की नगरी में निर्जला एकादशी पर शुक्रवार को तिरंगे के साथ श्री काशी विश्वनाथ की वार्षिक कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा में शामिल काशीवासियों ने ऑपरेशन सिंदूर और सेना के शौर्य को नमन कर पूरे देश में अमन चैन के लिए त्रिवेणी, सिंधु, झेलम, चिनाब, रावी, व्यास के अलावा काशी, हरिद्वार, ऋषिकेश के गंगाजल से पूरित कलशों से बाबा के पावन ज्योर्तिलिंग का अभिषेक किया। सामाजिक संस्था सुप्रभातम एवं श्री काशी मोक्षदायिनी सेवा समिति की ओर से निकली कलश यात्रा की शुरूआत डॉ. राजेंद्र प्रसाद घाट से हुई।
यहां त्रिवेणी, सिंधु, झेलम, चिनाब, रावी, व्यास के अलावा काशी, हरिद्वार, ऋषिकेश के गंगाजल से पूरित कलशों का विधिवत वैदिक मंत्रोंच्चार के बीच वैदिक ब्राम्हणों ने पूजन किया। यात्रा में शामिल लोग पारंपरिक परिधानों में घाट पर हर—हर महादेव का परम्परागत उद्घोष करते रहे। कलशों के पूजन के बाद तिरंगा लेकर आस्थावान गंगा तट से काशी विश्वनाथ मंदिर के लिए प्रस्थान किए। कलश यात्रा में पीएसी बैंड,डमरूदल, शंखनाद करता दल, नंदी पर सवार शिव-पार्वती और भजन मंडली आकर्षण के केंद्र रहे। यात्रा का नेतृत्व हमेशा की तरह भगवान गणेश का विशाल विग्रह कर रहा था। वार्षिक कलश यात्रा के दौरान भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था। कलश यात्रा में रथ पर संस्था के संस्थापक स्व. राजकिशोर गुप्ता (बचानु साव) एवं पूर्व अध्यक्ष स्व. जगदम्बा तुलस्यान के तैल चित्र रखा गया था। रथ के पीछे नंदी पर विराजमान भगवान शिव और माता पार्वती की छवि में कलाकारों की प्रस्तुति विशेष उत्साह भर रही थी। डमरुओं के निनाद के बीच भक्तों के ‘हर-हर महादेव के गगनभेदी घोष से राह गुंजायमान रहा। यात्रा मार्ग में जगह-जगह सामाजिक संस्थाओं की ओर से शिव भक्तों की सेवा के लिए कैंप लगाए गए। कहीं अमरस तो कहीं नींबू का शरबत, शीतल जल बांटा गया। शहनाई की मंगल ध्वनि के बीच कलश यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के जत्थे ने दशाश्वमेध, गोदौलिया, हौजकटोरा, बांसफाटक होते हुए ज्ञानवापी स्थित गेट नंबर चार से काशी विश्वनाथ धाम में प्रवेश किया।
यात्रा में प्रदेश के पूर्व मंत्री शहर दक्षिणी के विधायक डॉ नीलकंठ तिवारी, श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के पदाधिकारी,उद्यमी केशव जालान, निधि देव अग्रवाल, सुरेश तुलस्यान, पवन कुमार अग्रवाल, हेमदेव अग्रवाल, दिलीप सिंह, पवन चौधरी आदि शामिल रहे।
—27 वर्षो से लगातार निकल रही वार्षिक कलश यात्रा
काशी मोक्षदायिनी सेवा समिति और कलश यात्रा के संयोजन से जुड़े निधि देव अग्रवाल ने बताया कि श्री काशी विश्वनाथ की कलश यात्रा पिछले 27 वर्षो से लगातार निकल रही है। इस बार यात्रा ऑपरेशन सिंदूर को समर्पित की गई। तिरंगे के साथ बाबा के जलाभिषेक के लिए सिंधु नदी का जल लद्दाख से, चिनाब और झेलम नदी के जल के साथ कैलाश मानसरोवर का जल लाया गया। यहां काशी में गंगा का जल,प्रयागराज त्रिवेणी और ऋषिकेश के जल से बाबा का अभिषेक किया गया। बाबा से भारतीय सेना के अजेय होने की कामना की गई।
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