सिरसा: दुकानदारों का आरोप,परिषद ने शॉपिंंग मॉल के सपने दिखाकर लूटा
नक्शे के अनुसार बेसमेंट में पार्किंग, पहली व दूसरी मंजिल पर बड़े-बड़े शोरूम, तृतीय मंजिल पर नगर परिषद का कार्यालय बनाया जाना था। मार्केट के बहुत बुरे हालात है। ना ही पानी, ना ही सीवरेज व ना ही कोई सफाई है। 2013-14 से ही सभी दुकानदारों ने बहुत बार कमेटी के चक्कर लगाए और कमेटी वालों को ट्रेड टावर बनाने के लिए कहा, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। सभी दुकानदार किराया भी नियमित भरते रहे, लेकिन लगभग 6 साल के लंबे इंतजार के बाद जब निर्माण नहीं हुआ तो दुकानदारों ने नगर परिषद व जिला प्रशासन को लिखित मे पत्र देते हुए मजबूरन किराया बंद कर दिया।
उन्होंने बताया कि ट्रेड टावर मार्केट का नक्शा नक्शा नवीश विवेक खन्ना से 6 से 7 लाख रुपये में बनवाया गया था। उस नक्शे के हिसाब से ट्रेड टावर मार्केट का निर्माण नहीं हुआ। नगर परिषद व जिला प्रशासन सिरसा से बार-बार नक्शे अनुसार निर्माण करवाने का आग्रह भी किया गया। मामला सीएम विंडो और स्थानीय सभी नेताओं के माध्यम से सीएम तक पहुंचाया गया, लेकिन कोई सुनवाई नही हुई। यहां तक कि सीएम विंडो से हितेश खुराना व कष्ट निवारण समिति के तत्कालिन चेयरमैन कृष्ण बेदी ने भी दुकानदारों के साथ नगर परिषद की ठगी को मानते हुए उचित कार्यवाही का विश्वास दिलाया और कृष्ण बेदी ने तत्कालीन डीसी प्रभजोत सिंह को निर्देश भी दिए कि जब तक मामले की जांच सीएम फ्लाइंग से नहीं हो जाती, तब तक दुकानदारों से किराया न लिया जाए, लेकिन बड़े अफसोस की बात है कि 2011-12 में जो दुकाने सब्जबाग दिखाकर 7 हजार से 15 हजार रूपये प्रतिमाह किराये पर दी थी।
वही दुकानें 2019 में मात्र 3 हजार रूपये में प्रति माह किराये पर दे दी। जो दुकाने कमेटी को दुकानदारों द्वारा किराया न भर पाने के कारण वापस कर दी गई थी, उन दुकानों की बोली 2024 में दोबारा करवाई गई। उसमें भी दुकानें 3000 रुपए किराये पर चढ़ाई गई। 2025 में जो ऊपर मंजिल की दुकानें हैं, उनकी सिक्योरिटी 3 लाख से घटाकर डेढ़ लाख कर दी गई और दुकानों का किराया मात्र 2000-2100 रुपए है। मार्केट कामयाब न होने के कारण और कमेटी द्वारा दुकानदारों को इतना बड़ा व बढिय़ा नक्शा दिखाकर लूटा गया। इस मौके पर दुकानदार रमेश कुमार, मनीष कुमार, गोल्ड मेहता, राजकुमार, रोहताश, जोगिंद्र कंबोज, राजेश कुमार सहित अन्य दुकानदार मौजूद रहे।

