Delhi

कर्नल सोफिया कुरैशी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश के मंत्री को फिर लगाई फटकार

उच्चतम न्यायालय ने 19 मई को विजय शाह को जांच में शामिल होने की शर्त पर गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी। न्यायालय ने इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी के गठन का आदेश दिया है। उसके बाद एसआईटी ने जांच के लिए और समय की मांग की है। 19 मई को सुनवाई के दौरान न्यायालय ने विजय शाह को उनके बयान के लिए फटकार लगाई थी। न्यायालय ने कहा था कि इस बयान से पूरा देश शर्मिंदा है। इसके पहले 15 मई को उच्चतम न्यायालय ने विजय शाह को फटकार लगाते हुए कहा था कि आप ऐसा बयान कैसे दे सकते हैं, आप जानते हैं आप कौन हैं, आप सरकार में मंत्री हैं । जब देश संकट से गुजर रहा हो तो हर शब्द का महत्व होता है, अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।

विजय शाह की ओर से मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के एफआईआर दर्ज करने के आदेश को चुनौती दी गई है। 15 मई को वकील विभा मखीजा ने चीफ जस्टिस बीआर गवई की अध्यक्षता वाली बेंच के समक्ष मेंशन करते हुए कहा था कि उच्च न्यायालय ने एफआईआर दर्ज करने का आदेश देते समय विजय शाह का पक्ष नहीं सुना। उनके बयान का गलत अर्थ लगाया गया। विजय शाह ने माफी भी मांग ली थी। तब चीफ जस्टिस ने कहा था कि आपने मुवक्किल ने किस तरह का बयान दिया है। वह संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति हैं। उन्हें जिम्मेदारी का अहसास होना चाहिए था।

दरअसल, इंदौर में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी का नाम लिए बिना विवादित बयान दिया था। इस बयान के बाद काफी हंगामा खड़ा हुआ था। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने इस मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए विजय शाह पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद विजय शाह पर एफआईआर दर्ज की गई थी।