Rajasthan

महेश जोशी की जमानत याचिका पर ईडी की बहस पूरी

ईडी की ओर से याचिकाकर्ता की जमानत का विरोध करते हुए कहा कि प्रकरण में एसीबी की ओर से दर्ज अन्य एफआईआर में याचिकाकर्ता की भूमिका को बताया गया है। वहीं याचिकाकर्ता के बेटे की फर्म में 50 लाख रुपए का लेनदेन किया गया है। याचिकाकर्ता की ओर से इस राशि को लौटाना भी बताया जा रहा है तो राशि लौटाने से अपराध की गंभीरता कम नहीं होती है। याचिकाकर्ता और उसके बेटे ने विभाग की टेंडर प्रक्रिया में रिश्वत प्राप्त की है। इसके अलावा धन शोधन निवारण अधिनियम की धारा 45 के तहत आरोपी को उस समय ही जमानत दी जा सकती है, जब अदालत इस बात से प्रथम दृष्टया इस बात से संतुष्ट है कि वह इस अपराध का दोषी नहीं है। यदि आरोपी को जमानत दी गई तो वह गवाहों को प्रभावित कर सकता है। इसलिए उसकी जमानत याचिका को खारिज किया जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने याचिकाकर्ता को अपना पक्ष रखने के लिए 8 अगस्त का समय दिया है।