शांतिकुंज में युवा जागरण शिविर शुरू, मुंबई के युवा कर रहे प्रतिभाग
शिविर के प्रथम सत्र को संबोधित करते हुए डॉ. ओ.पी. शर्मा ने युवाओं से सात्विक जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सात्विक जीवन से तन और मन दोनों स्वस्थ रहते हैं और स्वस्थ मन में ही श्रेष्ठ विचारों का उद्भव होता है, जो जीवन में सफलता के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने युवाओं को नियमित रूप से उपासना, साधना और आराधना अपनाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही चिंतन, चरित्र और व्यवहार को सुदृढ़ बनाए रखने के विविध उपाय बताए। श्री केदार प्रसाद दुबे ने गायत्री तीर्थ शांतिकुंज, युग निर्माण योजना के उद्देश्य के साथ ही वेदमूर्ति युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जी की जीवनी के विभिन्न संस्मरणों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि युगऋषि द्वारा सुझाये गये भारतीय संस्कृति में जीवन जीने की एक समग्र पद्धति समायी है, जो व्यक्ति के आध्यात्मिक, मानसिक और सामाजिक विकास में सहायक होती है।
शिविर के दौरान युवाओं को योग, यज्ञ तथा व्यक्तित्व विकास की विभिन्न विधियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह शिविर 10 अगस्त को सामूहिक संकल्प कार्यक्रम के साथ संपन्न होगा।

