लीवर से फीवर तक हिट हैं..!
न्यूज सोर्स:– आशीष सक्सेना
इंदिरापुरम, एक छोटे से शहर से आ कर दिल्ली जैसी देश की राजधानी में अपनी ज़मीन बनाना हमेशा से एक अहम मुद्दा रहा है। पर अगर आपका लक्ष्य छोटी सी उम्र से ही तय हो और इच्छा शक्ति प्रवल हो तो कुछ भी असंभ नही है, आज हम बात कर रहे है आगरा शहर में जन्मे और बहुत ही कम उम्र में अपना लक्ष्य तय करने वाले सेल्फ मोटिव मेन डॉ मनोज गुप्ता की!
हां जी डॉ गुप्ता बचपन में ही सुनिश्चित कर चुके थे कि उन्हें बड़े हो कर क्या बनना है डॉ गुप्ता बताते है उन्हें आज भी वो दिन धुंधला धुंधला याद है जब पांचवी कक्षा में उनसे उनके अध्यापक ने पूछा बड़े हो कर क्या बनना चाहते हो तो एक झटके में बिना सोचे समझे बोल दिया कि मुझे डॉक्टर बनना है जबकि इसके लिए उन्हें किसी ने उन्हें कभी प्रोत्साहित नही किया था
जैसा कि आज कल की जनरेशन को करना पड़ता है।
डॉ गुप्ता एक व्यवसायिक परिवार से आते है उनके परिवार में कोई भी डॉ नहीं था, परंतु परिवार का सहयोग सदैव उनके साथ रहा। बात करे डॉ साहब के करियर की तो साल 2005 में डाक्टर साहब ने एम.बी.बी.एस.की डिग्री के. जी.एम.सी. कॉलेज लखनऊ से की थी। वहीं एम.एस. की डिग्री आगरा से ली। और वही साल 2005 से ही प्रैक्टिस करनी हॉस्पिटल में शुरू कर दी थी। जिसमें की आगरा से दिल्ली के सफर में काफी बड़े बड़े अस्पताल जैसे एम्स,सफदरजंग, सर गंगाराम अपोलो में अपना हाथ आजमाया और ईश्वर की कृपा से उन्हें फिजिशियन से लेकर सर्जरी तक हर क्षेत्र में सफलता हासिल हुई।
डॉ गुप्ता बताते है उन्होंने हजारों ऑपरेशन भारत में किए हैं जिसमें लगभग सभी सफल रहे है यहां तक कि डॉ गुप्ता को सर्जरी के लिए लगभग सौ बार विदेश तक बुलाया जा चुका है
डॉ गुप्ता लिवर ट्रांसप्लांट पेनक्रियाज और गेस्ट्रो से जुड़ी सभी पेट की बीमारियों के महारथी हैं। वैसे भी कहा जाता है डॉक्टर होना ही अपने आप में एक ईश्वर का एक रूप माना गया है।
डॉ गुप्ता शुरू से बहुत से मुफ्त कैप में भी सहयोग करते रहें है। डाक्टर गुप्ता का मन तो गांव में जा कर सरकारी अस्पताल में कार्य करने का था। परंतु दुर्भाग्य वश वो हो न सका
फिर भी वो बताते है कि वह रिटायरमेंट प्लान के रूप में जरूर ऐसा कोई कार्य करेंगे की समाज के उत्थान में कोई एक समाज सेवा दे सकें!
लगभग दस वर्ष से डॉ गुप्ता इंदिरापुरम के आम्रपाली ग्रीन में अपनी प्राइवेट प्रेक्टिस कर रहें है। और वही दिल्ली के पी.एस.आर.आई. लिवर सर्जन के रूप में अस्पताल में कार्य रत है।
डॉ गुप्ता से हमने जब पूछा लिवर की बीमारी के लक्षण क्या क्या होते है और इसके लिए क्या क्या उपाय करें तो डॉ गुप्ता बताते है, लिवर रोग (Liver Disease) के बारे में जानकारी निम्नलिखित है:
लिवर (यकृत) हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है, जो कई जरूरी काम करता है, जैसे कि:
- भोजन के पाचन में मदद करना
- शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालना
- ऊर्जा के लिए भोजन को तोड़ना
- रक्त में शर्करा की मात्रा को नियंत्रित करना
लिवर रोग कई प्रकार के होते हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख हैं:
- लिवर सिरोसिस (Liver Cirrhosis) – लिवर के धीरे-धीरे खराब होने की बीमारी।
- हेपेटाइटिस (Hepatitis) – लिवर की सूजन।
- फैटी लिवर (Fatty Liver) – लिवर में वसा की अधिकता।
- लिवर कैंसर (Liver Cancer) – लिवर में कैंसर की ग्रोथ।
- पित्त नलिका की बीमारी (Bile Duct Disease) – पित्त नलिका में रुकावट या सूजन।
लिवर रोग के लक्षण:
- थकान और कमजोरी
- पेट में दर्द
- उल्टी और मतली
- पीलिया (जॉंडिस)
- खुजली
लिवर रोग के कारण:
- वायरल संक्रमण (हेपेटाइटिस)
- अल्कोहल का अत्यधिक सेवन
- वसायुक्त आहार
- मधुमेह
- मोटापा
लिवर रोग की रोकथाम:
- स्वस्थ आहार लें
- व्यायाम करें
- अल्कोहल का सेवन कम करें
- वायरल संक्रमण से बचाव के लिए टीकाकरण कराएं
- नियमित जांच करवाएं
यदि आपको लिवर रोग के लक्षण दिखाई देते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और उनकी सलाह का पालन करें।
साथ ही अंत उन्होंने कहा कि तीन टिप्स हर आम जन मानस को नियमित रूप से फॉलो करनी चाहिए
- भोजन संतुलित खाएं!
- वजन न बढ़ने दे!
- पानी खूब पिए!

