107वां उर्स-ए-रज़वी सकुशल सम्पन्न: आस्था और व्यवस्था का संगम, बरेली से गया अमन का पैगाम
देश-विदेश से आए उलेमा-ए-किराम ने तकरीरें पेश कर समाज सुधार और पैगंबर-ए-इस्लाम की शिक्षाओं को याद किया। मुफ्ती सलमान अजहरी ने कहा कि हक की लड़ाई हमें कानून के दायरे में रहकर लड़नी है, जबकि मौलाना सलीम रज़ा नूरी ने सोशल मीडिया के भटकाव से दूर रहने और पैगंबर के बताए रास्ते पर चलने की नसीहत दी।
सुरक्षा व्यवस्था के लिए एडीजी रमित शर्मा, कमिश्नर सौम्या अग्रवाल, डीएम अविनाश सिंह, एसएसपी अनुराग आर्य समेत आला अफसर लगातार सड़कों और उर्स स्थल पर मौजूद रहे। कंट्रोल रूम से भी निगरानी की गई। हर संवेदनशील स्थान पर पुलिस बल तैनात रहा, जिसके चलते आयोजन शांति और अनुशासन के साथ सम्पन्न हुआ।
समापन कार्यक्रम दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रज़ा खां की सरपरस्ती और सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रज़ा कादरी की सदारत में हुआ। मुफ्ती अहसन मियां, मुफ्ती सलमान अजहरी और काजी-ए-हिंदुस्तान असजद मियां ने मुल्क और पूरी दुनिया की सलामती की दुआ कराई।
आस्था और सुरक्षा के इस अद्भुत संगम ने एक बार फिर साबित किया कि बरेली शरीफ से हमेशा अमन और मोहब्बत का पैगाम ही दुनिया तक पहुंचता है।

