इंदौर में राजपूत परिचय सम्मेलन, 8000 से ज़्यादा लोगों ने भागीदारी🎉 85+ रिश्ते तय! 💗
## राजपूत समाज चेतना मंडल ने युवक-युवती परिचय सम्मेलन का आयोजन
इंदौर में आयोजित 32वें राष्ट्रीय राजपूत युवक-युवती परिचय सम्मेलन में राजपूत समाज के युवाओं ने शिरकत की। इस सम्मेलन में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, गुजरात, छत्तीसगढ़ और विदेश से भी युवाओं ने अपनी भागीदारी दर्ज कराई। सम्मेलन का आयोजन मयंक ब्लू वाटर पार्क बिचौली मर्दाना इंदौर में हुआ।
चूंकि यह सम्मेलन किसी भी राजपूत युवक-युवती परिचय सम्मेलन का अनोखा इतिहास रच रहा है। यहां गुजरात, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्यप्रदेश के साथ ही विदेशी युवाओं ने भी स्वयं का परिचय दिया और रिश्ते तय किए। 27 डॉक्टर, 92 इंजीनियर, 150 एमबीए और 17 सीए जैसी श्रेणी के 1500 से अधिक युवकों ने रजिस्ट्रेशन कराया।
इस सम्मेलन के आयोजकों ने बताया कि 85 से ज़्यादा युग्मों का परिचय होकर विवाह की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह बताते हुए समाज के आह्वान पर आभार व्यक्त किया।
इंदौर के संभाग आयुक्त दीपक सिंह सम्मेलन के मुख्य अतिथि थे। उन्होंने कहा कि आज हमारे समाज के लिए यह परिचय सम्मेलन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन सम्मेलन से समाज के सभी वर्गयुवतियों को योग्य वर/वधु ढूंढ़ने का अवसर मिलता है। इन आयोजनों से समय और धन की भी बचत होती है, जो आज के दौर की जरूरत है। उन्होंने इस मौके पर सभी लोगो से दहेज प्रथा और मृत्यु भोज प्रथा को समाप्त करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
दूरदर्शन के एंकर पराक्रम सिंह शेखावत विशेष अतिथि थे, उन्होंने कहा कि राजपूत समाज का इतिहास साक्षी है कि क्षत्रिय समाज ने हमेशा अपने विवाह योग्य युवकों और युवतियों को अपनी पसंद का जीवनसाथी चुनने की स्वतंत्रता दी है। भगवान राम और सीता, पृथ्वीराज चौहान और संयोगिता का उदाहरण हमारे सामने हैं। पहले यह कार्य स्वयंवर के रूप में होता था, अब उसे समाज में परिचय सम्मेलन का रूप दिया गया है।
बुजुर्गों और मेधावी छात्रों के सम्मान के साथ आयोजन को पूरा किया गया।

