Himachal Pradesh

राष्ट्रीय कार्यकारिणी के आह्वान पर आंगनवाड़ी वर्कर हेल्पर यूनियन ने मंडी में मनाया काला दिवस

आंगनबाड़ी वर्कर यूनियन की जिला प्रधान विमला शर्मा और सचिव सुदर्शन ने बताया कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की संसदीय सलाहकार समिति की बैठक में पहली अगस्त से आंगनबाड़ी केंद्रों में सभी सेवाओं के लिए अनिवार्य फेस रिकाॅगिनशन सिस्टम )जारी रखने का निर्णय दोहराया गया है। संगठन का राष्ट्रीय नेतृत्व छह अगस्त को इस मुद्दे पर केंद्रीय महिला एवं बल विकास मंत्री अन्नपूर्णा से मिला था और उन्होंने इस मुद्दे पर आश्वासन दिया था कि वह समाधान करेंगी। मगर उन्होंने कोई समाधान न करते हुए भी इसे लागू करने का फैसला लिया है। जिसकी यूनियन शब्दों में निंदा करती है।

यूनियन का कहना हे कि अभी तक पश्चिम बंगाल और पंजाब में मोबाइल फोन नहीं दिए हैं और अन्य राज्यों में दिए हैं तो वह 5-6 साल पुराने हैं, जो अब तक काम नहीं करते हैं साथ ही नेटवर्क की अनुपलब्धता, मोबाइल ऐप की खामियां आदि के कारण राज्यों में पोषण ट्रैकर एप के लिए सरकार द्वारा दिए जाने वाले 2000 वार्षिक डाटा चार्ज बिल्कुल प्राप्त नहीं है। अभी भी प्रदेश के गरीब और बहुत से लोगों के पास कार्यशील मोबाइल फोन नहीं है और उनके आधार नंबर भी लिंक नहीं है। दोषपूर्ण फोन और नेटवर्क की समस्या के कारण लंबी और असफल सत्यापन प्रक्रिया से तंग आकर अनेक आंगनबाड़ी कर्मचारी को लाभार्थियों द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है।