Rajasthan

शातिर ने खुद को पुलिस ऑफिसर बताया : परीक्षा में नकल करने पर फंसने का झांसा देकर महिला से 2.29 लाख का फ्रॉड

नई आबादी शिकारपुरा निवासी दशरथ सिंह पुत्र भीमसिंह राजपुरोहित ने यह मामला दर्ज कराया है। इनके अनुसार 24 अगस्त को पत्नी शोभाकंवर पुत्र अंकित के साथ उसके साढू हीरसिंह के घर सूूंथला आई थी। तब उसकी पत्नी शोभा के पास में किसी अंजान शख्स का कॉल आया और उसके बेटे महिपाल सिंह के परीक्षा में नकल करते पकड़े जाने की जानकारी दी। उसे कहा कि उसका बेटा नकल करके फंस गया है। इसको बचाने के लिए खातों में रूपए डालने होंगे। इस पर परिवादी दशरथसिंह राजपुरोहित की पत्नी शोभा के कहने पर साढू के लडक़े ने अपने मोबाइल से पहले 38 हजार रुपए दिए गए खाते पर भेजे।

उसके बाद इसी नम्बर पर साले के लडक़े के मोबाइल से 48 हजार रुपए पर भेजे गए। फिर शातिर ने एक और खाता संख्या दी जिस पर अलग-अलग किश्त में 34 हजार रुयए भेजे, इसके अलावा उन्होंने एक और खाता संख्या पर 89 हजार रुपए मेरे साढु के लडक़े पुखराज के मोबाइल से भेजे।

एटीएम मशीन से 49 हजार खाते में भेजे तथा इसी मशीन से इनके बताए अनुसार 48 हजार रुपए भेजे गए। मगर किसी तकनीकी कारणवश यह रुपए होल्ड हो गए हैं तथा उनके बताए अनुसार एक और पेटीएम तथा मेरे पुत्र अंकित ने मेरी पत्नी के कहने पर अपने मित्र से मोबाइल से खाता संख्या पर 5000 रु पए भेजे। रिपोर्ट के अनुसार शातिरों ने 2.29 लाख रूपए खातों में डलवा दिए। मगर 48 हजार 400 रूपए एटीएम मशीन की तकनीकि गड़बड़ से बच गए अथवा होल्ड हो गए।

बाद में पता लगा कि उसका पुत्र तो महिपाल घर पर ही है और कहा कि वह किसी नकल में नहीं फंसा है। इस पर उसने अपने छोटे बेटे से बात की मालूमात हुआ कि खाता अपने किसी मित्र ललित को किराए पर दे रखा है जोकि अभी मेरठ में है। उसने घटना से भी अनभिज्ञता जाहिर कर दी। रिपोर्ट में दशरथ सिंह ने बताया कि उसकी पत्नी को झूठे मुकदमें फंसाने और जान की धमकी दी गई है। फिलहाल प्रतापनगर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। जांच एसआई मनोज कुमार की तरफ से की जा रही है।