मंडी को नशामुक्त बनाने के लिए समन्वित प्रयास आवश्यक
उपायुक्त ने बताया कि जून माह में शिक्षा विभाग द्वारा चलाए गए विशेष अभियान के दौरान जिले के विभिन्न विद्यालयों में स्लोगन राइटिंग, पोस्टर मेकिंग, जागरूकता भाषण, प्रतिज्ञा, योग सत्र और रैलियों जैसी गतिविधियों में लगभग एक लाख पैंतीस हज़ार विद्यार्थी शामिल हुए। इसी अवधि में कॉलेजों, आईटीआई और तकनीकी संस्थानों के सात हज़ार से अधिक विद्यार्थी भी सक्रिय रूप से जुड़े।
उन्होंने कहा कि अगस्त माह में अभियान की पाँचवीं वर्षगांठ पर सामूहिक शपथ, रैलियां, खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनमें लगभग एक लाख पचहत्तर हज़ार प्रतिभागियों ने भाग लिया। बैठक में जिला कल्याण अधिकारी समीर ने विभिन्न विभागों और संस्थानों को सौंपे गए दायित्वों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि पंचायत क्षेत्रों में अब तक 2873 समितियां गठित की जा चुकी हैं, जबकि शहरी क्षेत्रों में रिपोर्ट लंबित है।
उपायुक्त ने शहरी क्षेत्रों में समितियां गठित करने के लिए दो दिन का समय निर्धारित किया । इस अवसर पर रघुनाथ का पधर नशा मुक्ति केंद्र की सुविधाओं को सुदृढ़ करने, हेल्पलाइन नंबरों के व्यापक प्रचार-प्रसार, महिला नशा मुक्ति केंद्र की स्थापना की संभावना और नशा छोड़ चुके व्यक्तियों को सरकारी योजनाओं से जोड़कर पुनर्वास सुनिश्चित करने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकारी तंत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

