ईओ, आरओ भर्ती में नकल करने वाले को जमानत नहीं
जमानत अर्जी में कहा गया कि उसे प्रकरण में झूठा फंसाया गया है। वह इस परीक्षा में परीक्षार्थी ही नहीं था और ना ही यह परीक्षा उसने पास की थी। इसके अलावा किसी अभियुक्त की सूचना मात्र के आधार पर प्रार्थी को घटना में लिप्त किया जाना उचित नहीं है। प्रकरण के कई आरोपियों को हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। ऐसे में उसे जमानत पर रिहा किया जाए। जिसका विरोध करते हुए विशेष लोक अभियोजक बीएस चौहान ने कहा कि आरोपी ने संगठित नकल गिरोह में शामिल होकर परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग किया है। ऐसे में उसे जमानत नहीं दी जाए। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को जमानत पर रिहा करने से इनकार कर दिया है।

