बल्क ड्रग पार्क काे केन्द्र सरकार की अंतिम स्वीकृति मिलना ऐतिहासिक उपलब्धि : शांता कुमार
शांता कुमार ने साेमवार काे एक बयान में जानकारी दी कि इस परियोजना पर प्रारंभ में लगभग 2,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और इसके बाद 20,000 करोड़ रुपये का और निवेश किया जाएगा। कुल मिलाकर इस महत्वाकांक्षी योजना में 30,000 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है और इससे 20,000 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश पहले से ही देश के प्रमुख औषधि निर्माण राज्यों में शामिल है। भारत को विश्व फार्मेसी कहा जाता है और देश में बनने वाली कुल दवाइयों में से लगभग 40 प्रतिशत दवाइयां हिमाचल में बनती हैं। इससे हजारों लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ है।
शांता कुमार ने कहा कि दवाई निर्माण में उपयोग होने वाला केएसएम कच्चा माल अत्यंत आवश्यक होता है जिसे वर्तमान में चीन से आयात किया जाता है। अब ऊना के बल्क ड्रग पार्क में इस महत्वपूर्ण कच्चे माल का निर्माण शुरू होगा जिससे दवा उद्योग में चीन पर निर्भरता समाप्त हो जाएगी।
उन्होंने प्रदेश सरकार से विशेष आग्रह करते हुए कहा कि अब हिमाचल में निर्मित कोई भी दवा गुणवत्ता परीक्षण में विफल नहीं होनी चाहिए। दवाइयों के फेल होने की खबरों से प्रदेश की छवि और उद्योग की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचता है।
उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह योजना न केवल हिमाचल को बल्कि पूरे भारत को वैश्विक औषधि उद्योग के मानचित्र पर और अधिक मजबूत स्थिति में स्थापित करेगी।

