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सीआईएसएफ ने संभाली नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सुरक्षा की कमान

सीआईएसएफ के विशेष महानिदेशक प्रवीन रंजन ने बताया कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट सीआईएसएफ के संरक्षण में आने वाला देश का 70वां हवाई अड्डा है। उन्होंने कहा कि सीआईएसफ के जवान हवाई अड्डा क्षेत्र (एपीएस) और विमान सुरक्षा समूह (एसएसजी), हवाई अड्डे की सुरक्षा की देखरेख करेंगे। जिनमें परिधि और प्रवेश नियंत्रण, यात्री और सामान की जांच, टर्मिनल और भूमि की सुरक्षा, त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी) की तैनाती, स्थानिक कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय शामिल है।

उन्होंने बताया कि पहले चरण में सीआईएसफ के 1,047 अधिकारी और कर्मियों को तैनात किया जाएगा। यात्री यातायात और उड़ान संचालन बढ़ने के साथ जवानों की तैनाती बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि सीआईएसएफ के नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विमान सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने पर हमे गर्व है। हमारा विमानन सुरक्षा समूह यात्रियों ,चालक दल और महत्वपूर्ण संपत्तियों की सुरक्षा के लिए विश्व स्तर पर मानक प्रक्रियाओं और स्तरित सुरक्षा उपाय को लागू करेगा। उन्होंने कहा कि हम उच्चतम स्तर की सुरक्षा बनाए रखने के लिए हवाई अड्डा संचालन और हितधारकों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

सीईओ राकेश कुमार सिंह ने बताया कि नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को भारत और दुनिया के अन्य शहरों से जोड़ेगा। यह विश्व स्तरीय हवाई अड्डा स्विस दक्षता और भारतीय आतिथ्य का संयोजन करेगा ताकि अपने यात्रियों को समृद्ध अनुभव और व्यापक व्यावसायिक आकर्षण और सेवाएँ प्रदान की जा सकें। एनआईए स्थायी डिज़ाइन और संचालन सिद्धांतों द्वारा समर्थित एक महत्वाकांक्षी शुद्ध-शून्य उत्सर्जन लक्ष्य के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने बताया कि यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के विकास, निर्माण और संचालन के लिए की गई थी। यह कंपनी, ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी की 100 प्रतिशत स्वामित्व वाली सहायक कंपनी, उत्तर प्रदेश सरकार और भारत सरकार के साथ घनिष्ठ साझेदारी में सार्वजनिक-निजी भागीदारी परियोजना के कार्यान्वयन के लिए जिम्मेदार है। नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए रियायत अवधि 1 अक्टूबर 2021 को शुरू हुई और 40 वर्षों तक चलेगी। उन्होंने बताया कि उद्घाटन के समय, हवाई अड्डे में एक रनवे और एक टर्मिनल होगा और इसकी क्षमता 12 मिलियन यात्रियों की होगी, साथ ही अतिरिक्त निर्माण चरणों में इसके और विकास की भी संभावना है।