10वां आयुर्वेद दिवस आयुर्वेद को जन-जन तक पहुंचाने का अवसरः वैद्य प्रदीप कुमार प्रजापति
उन्होंने एआईआईए, गोवा में नई स्वास्थ्य सुविधाओं के उद्घाटन का भी उल्लेख किया, जिनमें एक एकीकृत ऑन्कोलॉजी इकाई, सेंट्रल स्टेराइल सप्लाई डिपार्टमेंट, लिनन प्रसंस्करण इकाई और ब्लड बैंक शामिल हैं, जो आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा के बीच सेतु को मजबूत करेंगे।
प्रो. प्रजापति ने लोगों, चिकित्सकों, शोधकर्ताओं, छात्रों और नीति निर्माताओं से इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया। उन्होंने इसे एक जन-आंदोलन बताते हुए आयुर्वेद के प्राचीन ज्ञान को आधुनिक शोध तथा प्रमाणों के साथ जोड़ने और इसे वैश्विक स्वास्थ्य सेवा में अग्रणी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि दसवां आयुर्वेद दिवस न केवल भगवान धन्वंतरि की विरासत का सम्मान करता है बल्कि एक स्वस्थ, संतुलित और टिकाऊ भविष्य की दिशा में एक कदम को भी दर्शाता है।
एआईआईए गोवा की डीन प्रो. (डॉ.) सुजाता कदम ने बताया कि आयुर्वेद दिवस स्वास्थ्य, संतुलन और वैश्विक मान्यता की एक दशक लंबी यात्रा को दर्शाता है। उन्होंने परंपरा व विज्ञान, व्यक्ति एवं समाज तथा मानवता और प्रकृति के बीच एक सेतु के रूप में आयुर्वेद की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने एआईआईए गोवा के योगदान का भी उल्लेख किया। यह 250 बिस्तरों वाला एक अस्पताल है, जहां प्रतिदिन 22 ओपीडी सेवाएं उपलब्ध हैं, जिनसे अंतरराष्ट्रीय आगंतुकों सहित 800 से अधिक मरीज लाभान्वित होते हैं। शिक्षा, अनुसंधान और रोगी देखभाल के एक अग्रणी केंद्र के रूप में यह उभर रहा है।

