प्रदेश सरकार के संरक्षण में भ्रष्टाचार का अड्डा बना है कांगड़ा सैंट्रल बैंक: युद्ध चंद बैंस
उन्होंने कहा कि कांगड़ा सैंट्रल बैंक के माध्यम से लोगों की संपतियां हड़पने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि मैंने मनाली में टाटा के चेयरमैन सायरस टाटा से संपति खरीदी है। उस पर होटल बनाने के लिए कांगड़ा सैट्रल बैंक से 65 करोड़ 15 लाख रूपए का लोन स्वीकृत हुआ था। लेकिन बैंक के भ्रष्ट अधिकारियों की नजर मेरी उस संपति पर थी। जिसके चलते उन्होंने उनका लोन घटाकर 39 करोड़ कर दिया।
उन्होंने कहा कि कोविड के चलते काम रोकना पड़ा था। इसके बाद बैंक की ओर से आरबीआई की गाइड लाइन की अनदेखी कर दुरूपयोग का आरोप लगाकर उनका खाता फ्राड डिक्लेयर कर दिया। युद्धचंद बैंस ने कहा कि उनकी ओर से दिए गए यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट को बैंक की ओर से फ्राॅड करार देकर उनकी संपति अधिग्रहण कर ली। जिसको लेकर वे मुख्यमंत्री से मिले ।
बैंस ने पत्रकार वार्ता के दौरान एक पैन ड्राइव दिखाते हुए कहा कि इसमें कई राज छुपे हुए हैं। इसकी एक कॉपी उन्होंने अपने वकील को सौंप रखी है। समय आने पर इसे ईडी को सौंपा जाएगा।

