एसआरएन हॉस्पिटल में पैर की विकृति का सफल ऑपरेशन
उन्होंने बताया कि डॉक्टरों की टीम ने ट्रिपल आर्थ्रोडेसिस तकनीक से ऑपरेशन कर पैर की विकृति को सही किया। इस जटिल शल्यक्रिया में पैर के तीन जोड़ों को स्थायी रूप से जोड़ा गया, जिससे पैर की स्थिरता और चलने की क्षमता बहाल हो सके।
ऑपरेशन का नेतृत्व असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आनंद कुमार ने किया, जिनके साथ डॉ. सैफ और डॉ. मागध (जूनियर रेज़िडेंट) शामिल रहे। मरीज को सुरक्षित एनेस्थीसिया देने की जिम्मेदारी असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अनिल सिंह और जूनियर रेज़िडेंट डॉ. सुभी ने निभाई।
इस अवसर पर एसआरएन हॉस्पिटल के प्राचार्य डॉ. वी.के. पांडेय ने कहा कि हमारे चिकित्सक लगातार जटिल से जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक कर रहे हैं। यह एसआरएन हॉस्पिटल की श्रेष्ठ चिकित्सा सेवाओं का प्रमाण है। ग्रामीण पृष्ठभूमि से आए मरीज को आधुनिक तकनीक से उपचार मिलना हमारे लिए गर्व की बात है।
वहीं ऑपरेशन टीम का नेतृत्व करने वाले डॉ. कुमार ने बताया कि मरीज अंकित के पैर की विकृति गंभीर थी और उसे सुधारने के लिए ट्रिपल आर्थ्रोडेसिस ही सबसे बेहतर विकल्प था। ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा है और मरीज अब स्वास्थ्य लाभ की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश रहेगी कि ऐसे मरीजों को समय पर सही उपचार देकर उनका जीवन आसान बनाया जा सके।

