Uttarakhand

नयना देवी मंदिर के अनुसार दीपावली 21 अक्टूबर को होगी

बताया गया है कि इस बार अमावस्या तिथि 20 और 21 अक्टूबर दोनों दिन पड़ रही है, किंतु ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के अनुसार 21 अक्टूबर की रात्रि लक्ष्मी पूजन शुभ फलदायी रहेगा। यह तिथि प्रदोषकाल में पड़ने से शुभ फल देने वाली है। साथ ही इस बार अमावस्या तिथि और मंगल ग्रह का शुभ संयोग भी बन रहा है, जिससे धन, सौभाग्य और संपत्ति प्राप्ति का सुंदर योग बन रहा है।

मंदिर के पुजारियों के अनुसार दिवाली के दिन सबसे पहले भगवान गणेश की मिट्टी या चांदी की मूर्तियों की स्नान कराकर स्वच्छ वस्त्र पहनाकर पूजन स्थल पर स्थापित कर पूजा करनी चाहिए। पूजा में खील-बताशे, खिलौने, कलम-दवात और कुबेर जी का पूजन करना भी उत्तम रहता है।

गणेश पूजन के बिना कोई भी मंगल कार्य पूर्ण नहीं होता। इसके बाद महालक्ष्मी जी की विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए। केवल लक्ष्मी जी का पूजन करने से धन की प्राप्ति तो होती है, लेकिन साथ ही अहंकार और विकार भी उत्पन्न हो सकते हैं, इसलिए लक्ष्मी जी के साथ गणेश जी का संयुक्त पूजन श्रेष्ठ होता है।