अंतरराष्ट्रीय गरीबी उन्मूलन दिवस पर बच्चों को दी गयी विधिक जानकारियां
शिविर में प्राधिकरण की सचिव पारुल थपलियाल ने बताया कि यह दिवस गरीबी और अभाव के उन्मूलन के लिए जागरूकता बढ़ाने, तथा समाज के कमजोर वर्गों के प्रयासों और संघर्षों को सम्मान देने के उद्देश्य से मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को निशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराता है। ऐसे व्यक्ति यदि न्यायालय में वाद प्रस्तुत करना चाहें, तो वे प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क अधिवक्ता प्राप्त कर सकते हैं, जिससे उन्हें वाद से संबंधित खर्च से राहत मिलती है।
उन्होंने बच्चों को पाक्सो अधिनियम पर विशेष रूप से जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि यह अधिनियम 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के साथ किसी भी प्रकार के यौन शोषण, उत्पीड़न या अश्लील कृत्य करने वालों पर कड़ी कार्यवाही का प्रावधान करता है। अपराध की गंभीरता के अनुसार दोषी को न्यूनतम तीन वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा दी जा सकती है। इस अवसर पर प्रधानाचार्य जयश्री, यशवंत कुमार सहित समस्त अध्यापक-अध्यापिकाएँ भी उपस्थित रहे।

