(अपडेट) दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष ने पर्यावरण के अनुकूल दिवाली मनाने का किया आह्वान
विजेंद्र गुप्ता ने समारोह में सम्पूर्णा के पर्यावरण के अनुकूल और सामाजिक रूप से जागरूक उत्सवों को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा, “त्योहारों का उद्देश्य खुशी फैलाना होना चाहिए, न कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाना। दिवाली, रोशनी का त्योहार है, साथ ही यह जागरूकता का त्योहार भी होना चाहिए — जो हमें स्वच्छ हवा, जिम्मेदार खपत और सभी के प्रति सहानुभूति की ओर मार्गदर्शन करे।”
विधानसभा के अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा एक साझा नागरिक दायित्व है, जो भारत की सतत विकास और जिम्मेदार नागरिकता की बड़ी प्रतिबद्धता के अनुरूप है। उन्होंने सामुदायिक पहल की अहमियत को रेखांकित करते हुए नागरिकों से छोटे परंतु प्रभावशाली कदम उठाने का आह्वान किया, जैसे प्लास्टिक कम करना और पर्यावरण के अनुकूल सजावट अपनाना।
मेले में विभिन्न आयु समूहों के प्रतिभागियों के लिए कई प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जो रचनात्मकता और सामुदायिक भावना को उजागर करती थीं। वरिष्ठ नागरिक कविता प्रतियोगिता, बच्चों के लिए पेंटिंग प्रतियोगिता, युवा और मध्यम आयु वर्ग की महिलाओं के लिए मेहंदी प्रतियोगिता, और “हरी और जिम्मेदार दिवाली” थीम पर रंगोली प्रतियोगिता में उत्साहपूर्ण भागीदारी देखी गई, जिसने पर्यावरण के अनुकूल उत्सव के संदेश को प्रदर्शित किया।
प्रतियोगिताओं के अलावा कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, खेलकूद और स्वयं सहायता समूहों द्वारा जागरूकता स्टॉल भी लगाए गए, जिन्होंने सततता, कचरा प्रबंधन और सामाजिक कल्याण के संदेश फैलाए। विजेताओं को आकर्षक पुरस्कार देकर उत्सव को आनंददायक और सार्थक बनाया गया, जिससे स्वच्छ और हरी-भरी दिवाली का संदेश और मजबूत हुआ।
समारोह का समापन करते हुए विजेंद्र गुप्ता ने सभी आयु वर्ग के नागरिकों की जीवंत भागीदारी की सराहना की और कहा कि ऐसी पहल पर्यावरणीय जागरूकता और सामुदायिक जुड़ाव को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ‘सम्पूर्णा ग्रीन दिवाली मेला’ भविष्य के उत्सवों के लिए एक मॉडल बनेगा, जो हर दिल्लीवासी को सतत प्रथाओं को अपनाने और हर त्योहार को खुशी, जिम्मेदारी और सामूहिक कल्याण के उत्सव के रूप में मनाने के लिए प्रेरित करेगा।

