पन्द्रह दिवसीय कला और सांस्कृतिक महोत्सव विरासत का रंगारंग समापन
देहरादून, 18 अक्टूबर । पन्द्रह दिवसीय विरासत महोत्सव शनिवार को रंगारंग कार्यक्रम के साथ संपन्न हो गया। कौलागढ़ स्थित डॉ. बीआर आंबेडकर स्टेडियम में चले विरासत महोत्सव में देशभर के नामी और शाही कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियों से दूनवासियों को मंत्रमुग्ध किया और इसी के साथ महोत्सव का सफ़र यादगार लम्हों में कैद हो गया हैं। विरासत महोत्सव में शनिवार को जहां धनतेरस की महफिल विरासत के मेहमानों से गुलजार रही तो वही दीपावली के लिए जमकर खरीदारी भी की गई।
ओएनजीसी के डॉ.अंबेडकर स्टेडियम में रीच संस्था की ओर से आयोजित किए जाने वाले विरासत महोत्सव के आज तीन दशक का समय शानदार और शाही अंदाज में पूर्ण हो चुका है। इस वर्ष भी देश-विदेश की नामी एवं शाही भारतीय शास्त्रीय संगीत की दुनिया में अपना और भारत का नाम ऊंचा रखने वाली कलाकार हस्तियों ने अपनी भव्य एवं आकर्षक प्रस्तुतियां देकर विरासत में चार-चांद लगाने का काम किया। इस वर्ष के महोत्सव के अंतिम दिन विरासत महोत्सव के इस अलविदा सेरेमनी पर जहां कई की आंखें नम हुई,तो वहीं कई मेहमान शाही विरासत के अलविदा होने पर भावुक होते हुए भी नजर आए।
शनिवार को अंतिम दिन विरासत महोत्सव पूरी तरह से गुल-गुलजार हुआ दिखाई दिया। विरासत महोत्सव की शाही शाम में आज अंतिम दिन मशहूर अभिनेता,भोजपुरी गायक, राजनीतिज्ञ और सांसद मनोज तिवारी के गीतों ने विरासत की महफ़िल सजा डाली।
इस शाही महफिल में क्लोजिंग सेरेमनी अवसर पर जहां मशहूर कथक नृत्यांगना नयनिका घोष ने अपने कथक रागों के नृत्य से विरासत की महफिल को सजा डाला, वहीं मशहूर गायक और सांसद मनोज तिवारी के गीतों से विरासत के हजारों मेहमान झूम उठे और उन्होंने पूरा जश्न विरासत महोत्सव के अंतिम दिन यहां रहकर मनाया।

