Himachal Pradesh

शहीदों का मान-सम्मान ही सच्ची श्रद्धांजलि : केवल सिंह पठानिया

विधायक पठानिया ने कहा कि वर्षों तक कई जनप्रतिनिधियों ने इस क्षेत्र का नेतृत्व किया, लेकिन किसी ने भी शहीद के नाम पर प्रवेश द्वार निर्माण की पहल नहीं की। उन्होंने कहा कि मेरे लिए यह सौभाग्य की बात है कि शहीद नायब सुबेदार विनोद कुमार के नाम पर यह प्रवेश द्वार बनवाया गया है। यह गेट आने वाली पीढ़ियों को उनके बलिदान की याद दिलाता रहेगा।

उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी ने देश की आजादी के संघर्ष से लेकर समाज के सशक्तिकरण तक हमेशा अग्रणी भूमिका निभाई है। स्थानीय विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए पठानिया ने बताया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में इस पंचायत क्षेत्र में लगभग 43.50 लाख की राशि विभिन्न योजनाओं पर व्यय की गई है। उन्होंने कहा कि हिमाचल वीरभूमि है और शहीद प्रवेश द्वार के निर्माण हेतु समुचित धनराशि उपलब्ध करवाने के लिए मैं मुख्यमंत्री महोदय का आभार व्यक्त करता हूं।

शहीद का गौरवमयी इतिहास

नायब सुबेदार विनोद कुमार, पुत्र स्व. जैसी राम, ने 14 फरवरी 1980 को असम राइफल्स में भर्ती होकर देश सेवा का संकल्प लिया था। उन्होंने 31 मई 2004 को भारत-म्यांमार सीमा पर दुश्मनों से लोहा लेते हुए वीरगति प्राप्त की।

शहीद के बड़े भाई रवि कुमार ने प्रवेश द्वार के निर्माण के लिए विधायक पठानिया का आभार व्यक्त किया।