खाद्य सुरक्षा कानून में पुलिस को सीधे कार्रवाई का अधिकार नहीं, एफआईआर रद्द
याचिका में अधिवक्ता मयंक गुप्ता ने बताया कि याचिकाकर्ता के खिलाफ पुलिस ने सीधे एफआईआर दर्ज कर मिलावटी और मिस ब्रांड का खाद्य सामान बेचने का आरोप लगाया। वहीं इस आधार पर पुलिस ने निचली अदालत में आरोप पत्र भी पेश कर दिया। जबकि खाद्य सुरक्षा कानून, 2006 में ऐसे मामलों को लेकर अलग से प्रावधान किए गए हैं। इसके अलावा याचिकाकर्ता के खिलाफ किसी को नुकसान पहुंचाने का आरोप भी साबित नहीं है। ऐसे में जब पुलिस को मामले में एफआईआर दर्ज करने का अधिकार ही नहीं है तो उसके आधार पर आरोप पत्र भी पेश नहीं किया जा सकता। जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने मामले में दर्ज एफआईआर और उसके आधार पर की गई कार्रवाई को रद्द कर दिया है।

