भारतीय पशु चिकित्सा दिवस : ‘वन हेल्थ’ से ही संभव टीबी नियंत्रण – प्रो. सरमन सिंह
आईवीआरआई वन्यजीव केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एम. करिकलन ने भी वन्यजीवों में टीबी के बढ़ते संक्रमण और माइकोबैक्टीरियम की नई प्रजातियों की पहचान को गंभीर चुनौती बताया। कार्यक्रम के शुरुआत में ट्रस्ट के उपाध्यक्ष डॉ. एस.के. अग्रवाल ने आधुनिक तकनीक और स्वस्थ पशुधन को अर्थव्यवस्था की मजबूती का आधार बताया। ट्रस्ट अध्यक्ष डॉ. एम.एल. मेहरोत्रा ने डॉ. सी.एम. सिंह को पशु चिकित्सा जगत का भीष्म पितामह बताया।
संगोष्ठी में देशभर से वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों और छात्रों ने भाग लिया। इस दौरान डॉ. सरमन सिंह को मेमोरियल लेक्चर अवॉर्ड, डॉ. अभिजीत पावड़े को शालिहोत्र सम्मान और डॉ. के.एन. कांडपाल को आर.डी. शर्मा पुरस्कार से नवाज़ा गया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सत्यवीर सिंह मलिक ने किया।

