Uttarakhand

सरदार पटेल का पूरा जीवन राष्ट्र-सेवा के लिए समर्पित रहा: मुख्यमंत्री धामी

इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरदार पटेल ने अपना पूरा जीवन राष्ट्र-सेवा के लिए समर्पित किया। सरदार पटेल ने संवाद, प्रेम, दृढ़ता और निर्भीकता का परिचय देते हुए 562 रियासतों को भारत में मिलाया। खेड़ा और बारदोली के किसान आंदोलनों में अन्याय के विरुद्ध उनके संघर्ष ने उन्हें भारत में लोकप्रिय बनाया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सरदार पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लेकर उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की है। पटेल की प्रेरणा से एक भारत, श्रेष्ठ भारत के मंत्र के साथ भारत की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय गौरव को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने जम्मू कश्मीर से धारा 370 समाप्त कर सरदार पटेल और श्यामा प्रसाद मुखर्जी के एक देश, एक विधान, एक संविधान के संकल्प को साकार किया है। प्रधानमंत्री ने गुजरात के केवड़िया में विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का निर्माण कराया। साथ ही सरदार पटेल के जन्म दिवस पर देश में रन फॉर यूनिटी का आयोजन कर युवाओं को सरदार पटेल के बताए मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित भी किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा किसरदार@150 यूनिटी मार्च के अंतर्गत उत्तराखंड सरकार ने देवभूमि उत्तराखंड के प्रत्येक जनपद में भी एकता यात्रा का आयोजन किया। उन्होंने स्वयं चार प्रमुख स्थानों पर एकता यात्रा में प्रतिभाग किया है। एकता यात्रा के माध्यम से युवाओं को नशा मुक्ति, योग और स्वास्थ्य जैसे विषयों से जोड़ने के साथ सहकारिता मेलों का आयोजन कर स्थानीय हस्तशिल्प और स्वदेशी उत्पादों के प्रचार प्रसार की दिशा में भी कार्य किया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि एकता यात्रा के दौरान ग्राम सभाओं में जनसंवाद कार्यक्रमों का आयोजन कर जनता की विभिन्न समस्याओं के समाधान भी किया गया। विभिन्न गांवों में सरदार उपवन विकसित कर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा सरदार पटेल की प्रेरणा और प्रधानमंत्र के मार्गदर्शन में उत्तराखंड सरकार ने सभी नागरिको के लिए एक समान अधिकार और कानून लागू करने के उद्देश्य से राज्य में समान नागरिक संहिता लागू की है।

मुख्यमंत्री ने सभी आग्रह करते हुए कहा कि सरदार पटेल के आदर्शों का अनुसरण करते हुए देश की एकता और अखंडता को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी है। साथ ही उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए जाति, क्षेत्र,संप्रदाय और भाषा से ऊपर उठकर भारतवर्ष को मजबूत बनाने के लिए समर्पित भाव से कार्य करना है।