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मत्स्य मंत्री संजय निषाद के बयान पर लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रों का विरोध

प्रदर्शन में मौजूद छात्र आदित्य पांडे ने कहा कि मंत्री का बयान अपमानजनक है। उन्होंने मांग की कि संजय निषाद को तत्काल मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाए। छात्रों का कहना है कि बलिया स्वतंत्रता आंदोलन की महत्वपूर्ण धरती रही है और इस प्रकार की टिप्पणी वहां के शहीदों और महापुरुषों का अपमान है।

विवाद की शुरुआत तब हुई जब संजय निषाद ने एक कार्यक्रम में बलिया के लोगों को अंग्रेजों का ‘दलाल’ बताया था। उनके इस बयान पर शहीद पंडित रामदहीन ओझा के परिजनों ने गहरी आपत्ति जताई थी, जिसके बाद कई स्थानों पर विरोध तेज हो गया है।

प्रदर्शन में शामिल छात्र अंकित ने कहा कि बलिया वीरों और महापुरुषों की सरजमीं है। छात्रों का कहना है कि बलिया वह जिला है जिसने अंग्रेजी शासन के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंककर अपनी समानांतर सरकार स्थापित की थी। प्रदर्शनकारियों ने “वीरों की धरती, बागियों का देश… बागी बलिया उत्तर प्रदेश” का नारा भी लगाया।