Uttarakhand

स्थानीय लोगों की अपेक्षा अनुरूप पुनर्निर्माण और पुनर्वास कार्य करें सरकार : गोदियाल

गुरूवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में उत्तराखंड कांग्रेस का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल धराली आपदाग्रस्त क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण करने पहुंचे हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और साथ में आये कार्यकर्ताओं ने सबसे पहले कल्प केदार मंदिर के पास पांच अगस्त को आपदा में अकाल मृत्यु हुई लोगों की आत्मा के लिए पांच मिनट का मौन रखकर शोक संवेदनाएं व्यक्त कर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है।

उन्होंने कहा कि धराली को साढ़े चार महीने बीत चुके हैं और सरकार चार धाम यात्रा गंगोत्री हाईवे के निचे दबी सैकड़ों लाशों के ऊपर करवा रही है । उन्होंने सरकार पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि लाशों के ऊपर सरकार कैसे चार धाम यात्रा करवा रही हैं ?

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि कर्नल कोठियाल के बयान ने स्पष्ट किया है कि सरकार द्वारा पेश किए गए आंकड़े अधूरे और भ्रामक हैं तथा धराली में राहत और पुनर्वास कार्यों में भारी लापरवाही बरती गई है। इस दौरान कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने स्थानीय आपदा पीड़ितों से मिलकर वास्तविक स्थिति की जानकारी ली और शासन -प्रशासनिक स्तर पर हो रही अनदेखी का प्रत्यक्ष आंकलन किया है।

उन्होंने मीडिया को बताया कि बताया कि धराली से लौटकर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उस रिपोर्ट को इस उम्मीद के साथ महामहिम राज्यपाल को सौंपा जाएगा की राज्यपाल और केंद्र सरकार उत्तराखंड की सरकार पर दबाव बनाएं ताकि स्थानीय लोगों की अपेक्षा अनुरूप आपदा ग्रस्त क्षेत्र में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाएं, पुनर्निर्माण और पुनर्वास के कार्य बिना विलंब के हो जाना चाहिए और पीड़ितों को उचित मुआवजा दिया जाए।

गोदियाल ने कहा कि जब आपदा आई थी तो तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल धराली आपदाग्रस्त क्षेत्र में गया था और अब कर्नल कोठियाल के खुलासे के बाद पुनः उत्तराखंड कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल उस क्षेत्र में जाएगा और आकलन करने पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 4 महीने में सरकार और प्रशासन द्वारा किए जा रहे दावों की सच्चाई आपदा पीड़ितों ने बता दिया कि आपदा प्रभावित कराह रहें और सरकार रजत जयंती और सहकारी मेले में करोड़ों रूपए पानी की तरह बहा रही है।

गोदियाल ने यह भी कहा कि 2013 की दैवीय आपदा के बाद कांग्रेस हाई कमान ने इसी बात पर प्रदेश के कांग्रेस के मुख्यमंत्री को अपदस्थ कर दिया था क्योंकि उन्होंने आपदा कार्यों में रुचि नहीं दिखाई और ईमानदारी से काम नहीं किया। लेकिन वर्तमान की केंद्र सरकार आपदाओं और आपदाग्रस्त क्षेत्रों के प्रति गंभीर और संवेदनशील नहीं दिखाई पड़ती है।

गोदियाल ने कहा कि जब मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि ही धराली की स्थिति पर सरकार की पोल खोल रहे हैं, तो यह स्पष्ट है कि सरकार ने जनता से जानकारी छुपाई है। धराली के लोग आज भी राहत और न्याय की प्रतीक्षा में हैं, लेकिन सरकार आंकड़ों और बैठकों में उलझी है। कांग्रेस इस मानवीय त्रासदी को राजनीति का विषय नहीं, बल्कि संवेदना और जिम्मेदारी का विषय मानती है।

उनके अनुसार, कांग्रेस यह सुनिश्चित करेगी कि धराली के पीड़ितों की आवाज सरकार तक पहुंचे और उचित मुआवजा, पुनर्वास एवं खोज अभियान तुरंत शुरू हों। वहीं पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने सरकार पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि व्यवसाय भवनों का सरकार मुआवजा नहीं दे रही और वही पारंपरिक तरीके से बने आवासीय भवनों को कच्चा मानकर कम मुआवजा दें रही जो कि आपदा पीड़ितों के साथ अन्य है।

इस मौके पर करण महरा, कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता गरिमा धौंशाली, जिलाध्यक्ष प्रदीप रावत, घनानंद नौटियाल, डॉ नागेंद्र जगूड़ी, मनीष राणा, विजेंद्र नौटियाल, प्रदीप भट्ट, विजयपाल सिंह रावत, पवन पंवार, दिनेश गौड़, कनकपाल परमार, सुधीर, डॉ मनोज पंवार ब्लॉक अध्यक्ष भटवाडी़, शीशपाल पोखरियाल, मधु रावत, बीना शाह सुधीश पंवार आदि मौजूद रहे है।